गुर्जर आंदोलनः 9 नवंबर से चक्का जाम, सरकार से नहीं हो सकी बात

जयपुर

जयपुर और भरतपुर। सरकारी नौकरियों में आरक्षण विशेष रूप से बैकलॉग की भर्तियां किए जाने की मांग को लेकर शुरू हुए आंदोलन को आठ दिन बीत चुके हैं और गुर्जर समाज के लोग अब तक पीलूपुरा गांव के निकट रेलवे ट्रैक से हटने को तैयार नहीं है। आंदोलन का कवरेज कर रहे मीडिया को रेलवे ट्रैक से प्रशासन की ओर से हटाया गया है। इससे नाराज गुर्जर समाज ने आंदोलन को और तीव्र करने की बात कही है। आशंका है कि दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक जाम किए जाने के साथ अब 9 नवंबर से सड़क को भी जाम किया जा सकता है।

आंदोलन की कमान जूनियर बैंसला के हाथ में

गुर्जर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने आंदोलन आगे जारी रखने के लिए कमान अपने पुत्र विजय बैंसला को सौंप दी है। विजय बैंसला ने क्लीयर न्यूज डॉट लाइव से विशेष बातचीत में कहा है कि सरकार केवल बातचीत करने का ड्रामा कर रही है, वास्तव में वह मुद्दे को टालने की कोशिश में हैं। जूनियर बैंसला का कहना है, ” खेल और युवा मामलों के मंत्री अशोक चांदना का संदेश आया था कि वे किरोड़ी सिंह जी और मुझसे मिलना चाहते हैं तो हमने कहा पटरी पर ही बात करेंगे लेकिन परिवार के एक या दो लोगों के साथ नहीं बल्कि समाज के साथ बात होगी। हमारे बड़े बुजुर्गों ने यह भी कहा कि पीलूपुरा से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर सूरौठ तहसील है, जहां हमारे 20-22 प्रतिनिधि जाकर मुलाकात कर लेंगे लेकिन सरकार की ओर इस बातचीत के लिए कोई उत्तर नहीं आया। अब कोई यह नहीं कह सकता है कि गुर्जर समाज बात नहीं करना चाहता।”

राजस्थान में होगा चक्का जाम

बैंसला ने बताया कि सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि वह प्रक्रियाधीन भर्ती के लिए प्रिंसिपल सेक्रेटरी वित्त, कार्मिक विभाग और विधि विभाग की एक उच्च स्चरीय समिति गठित करेंगे। यह समिति केंद्र सरकार से बात करके पूछेगी कि प्रक्रियाधीन भर्ती की क्या परिभाषा है। समझ में नहीं आता कि पौने दो वर्ष बाद इस तरह की बात करने बैठेंगे और फिर बैकलॉग की तो वे बात ही नहीं कर रहे हैं तो हमारे पास आंदोलन को तीव्र करने अलावा क्या रास्ता रह जाएगा। जैसा कि हम पूर्व में कह चुके हैं कि जिस तरह के हालात हैं, उनके मद्देनजर 9 नवंबर से पूरे राजस्थान में चक्का जाम किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *