किसान और सरकार के बीच 7वें दौर की वार्ता में गतिरोध टूटने की उम्मीद जगी, अब होगी 4 जनवरी 2021 को होगी बातचीत

पांच दिसम्बर के बाद आज, बुधवार 30 दिसम्बर को दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में किसानों और सरकार के बीच वार्ता हुई। वार्ता के बाद विज्ञान भवन से बाहर आये कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि 50 फीसदी किसानों की मांगों को सरकार ने मान लिया और शेष बातों को लेकर 4 जनवरी को अगले दौर की वार्ता होगी। उन्होंने बताया कि पराली और बिजली के संबंध में कानूनों को लेकर किसानों की मांग को सरकार ने मान लिया है और एमएसपी को लेकर 4 जनवरी को बात होगी।

वार्ता में रहा सौहार्दपूर्ण माहौल

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किसान संगठनों ने कहा कि फिलहाल आंदोलन समाप्त नहीं किया जा रहा है। अलबत्ता 31 दिसम्बर को होने वाली ट्रैक्टर रैली अब नहीं होगी। किसानों का कहना है कि सरकार ने 50 फीसदी मांगों को मान लिया है और उम्मीद है कि 4 जनवरी को यदि सरकार किसानों की मांगो को मान ले तो आंदोलन वापस ले लिया जाएगा। कुल मिलाकर आज सरकार और किसानों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में वार्ता हुई। सरकार की ओर से मौजूद मंत्रियों ने किसान नेताओ के साथ लंगर भी चखा।

वार्ता में केंद्रीय मंत्री तोमर, गोयल और सोमनाथ रहे मौजूद

उल्लेखनीय है कि नये कृषि कानूनों को रद्द करने की शर्त लेकर किसान नेता सरकार के साथ वार्ता के लिए तैयार हुए थे। दोपहर करीब दो बजे से नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में सातवें दौर की इस वार्ता में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल मंत्री पीयूष गोयल और उद्योग मंत्री सोमनाथ भी मौजूद रहे हैं। चूंकि शर्तों के साथ वार्ता के लिए किसान संगठनों के नेता आगे आए थे इसलिए इस वार्ता के भी बेनतीजा रहने की आशंका थी। लेकिन, 30 दिसम्बर की वार्ता के बाद उम्मीद जगी है कि सरकार और किसानों के बीच बना गतिरोध जल्द समाप्त हो सकेगा।