एडमा ने टाउन हॉल से हटाए ‘गोबर के पहाड़’, कराई छज्जों की सफाई

जयपुर

जयपुर। विरासत पर्यटन के लिए जयपुर आने वाले पर्यटकों को अब विश्व विख्यात हवामहल के पास स्थित प्राचीन इमारत मान सिंह टाउन हॉल पर ‘गोबर के पहाड़’ देखने को नहीं मिलेंगे। आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण के नाकारा अधिकारियों ने आखिरकार एक महीने बाद टाउन हॉल के छज्जों की सफाई करा दी है। टाउन हॉल के छज्जों पर दशकों से जमी कबूतरों की बीट से बने पहाड़ों को हटवा दिया है।

उल्लेखनीय है कि टाउन हॉल का पिछला हिस्सा सिरह ड्योढ़ी बाजार में पड़ता है। करीब 13 वर्ष पूर्व इसको वल्र्डक्लास म्युजियम में बदलने की कवायद शुरू हुई, लेकिन दो—तीन साल में ही काम बंद हो गया। तब से लेकर आज तक इसकी तीसरी मंजिल पर उभरी हुई डिजाइनों पर दिन—रात सैंकड़ों कबूतरों का डेरा जमा था। इन कबूतरों की बीट दूसरी मंजिल की खिड़कियों के छज्जों पर गिरकर जमा होती रहती है और पिछले तेरह सालों में कबूतरों की बीट पहाडऩुमा आकृति के रूप में दिखाई देने लगी थी, जो इस इमारत की सुंदरता को खराब कर रही थी और पर्यटक यहां की गलत छवि अपने साथ ले जाने को मजबूर थे।

क्लियर न्यूज ने 14 जुलाई को प्राचीन इमारत ‘टाउन हॉल’ पर खर्च कर दिए 10 करोड़, पर्यटकों को देखने को मिल रहे ‘गोबर के पहाड़’ खबर प्रकाशित कर पुरातत्व महकमों की कामचोरी को उजागर किया था और बताया था कि अधिकारी किस तरह प्राचीन स्मारकों की सार संभाल करते हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद पुरातत्व के आला अधिकारियों ने एडमा अधिकारियों को नसीहत दी कि जानवर भी अपनी जगह को साफ करके सोता है, तो फिर टाउन हॉल में ही स्थापित एडमा कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी क्या करते रहते हैं, उन्हें छज्जों पर गोबर के पहाड़ क्यों नहीं दिखाई दिए। इस नसीहत के बाद भी एडमा अधिकारियों ने छज्जों की सफाई में एक महीने का समय गुजार दिया।

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