क्या अब सुधरेगी राजस्थान की कानून—व्यवस्था? उत्तर प्रदेश में भाजपा के दावे को गहलोत ने दोहराया

जयपुर

पुलिस महानिरीक्षकों एवं अधीक्षकों के साथ वीसी में बोले गहलोत, किसी भी प्रदेश में विकास एवं निवेश की स्थिति वहां की कानून-व्यवस्था पर निर्भर करती है

जयपुर। राजस्थान में विपक्षी दल भाजपा की ओर से पिछले दो सालों से प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं, तो क्या अब सुधरेगी राजस्थान की कानून व्यवस्था? यह एक बड़ा सवाल है, लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को पुलिस महानिरीक्षकों एवं अधीक्षकों के साथ वीसी में एक बात कही, जो उत्तर प्रदेश चुनावों में भाजपा की ओर से कही जा रही है। भाजपा की ओर से उत्तर प्रदेश में कहा जा रहा है कि योगी सरकार ने प्रदेश में कानून व्यवस्था स्थापित करने का काम किया है और ​किसी भी प्रदेश में विकास एवं निवेश की स्थिति वहां की कानून-व्यवस्था पर निर्भर करती है। इसी बात को गहलोत ने दोहराया है।

गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास से वीसी के माध्यम से पुलिस महानिरीक्षकों एवं जिला पुलिस अधीक्षकों कहा कि किसी भी प्रदेश में विकास एवं निवेश की स्थिति वहां की कानून-व्यवस्था पर निर्भर करती है। ऎसे में यह सीधा दायित्व जिला पुलिस अधीक्षकों का बनता है कि वे राज्य में शांति एवं सौहार्द का माहौल बनाए रखने के साथ ही पुलिस की साफ और निष्पक्ष छवि प्रस्तुत करें। पुलिस थानों में आने वाले फरियादियों की संवेदनशीलता के साथ सुनवाई करते हुए पुलिस के प्रति आमजन में विश्वास को और मजबूत बनाए। थानाधिकारी परिवादियों से आसानी से मिलें। वृत्त, सेक्टर एवं जिला स्तर तक सुपरवाइजरी पुलिस अधिकारी भी सुनवाई का काम गंभीरता से करें। ऎसे प्रयास हों कि परिवादी को मुख्यमंत्री कार्यालय या अन्य उच्च स्तर तक नहीं आना पडे़।

गहलोत ने कहा कि प्रदेश में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और संवेदनशील, पारदर्शी एवं जवाबदेह सुशासन राज्य सरकार का मूल मंत्र है। अपराध के प्रति हमारी जीरो टोलरेंस की नीति है और इसे मूर्त रूप देना जिला पुलिस अधीक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिला पुलिस अधीक्षक कानून का इकबाल कायम करने, अपराधों पर प्रभावी रोकथाम लगाने एवं पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की दिशा में अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करें। सभी पुलिस अधिकारी निष्पक्षता और सकारात्मक सोच के साथ काम करें ताकि देश में राजस्थान पुलिस नंबर वन मुकाम पर हो।

संगठित अपराधों पर प्रभावी रोकथाम के लिए कानून लाने की करें तैयारी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुनियोजित एवं संगठित अपराधों पर प्रभावी रोकथाम के लिए आगामी विधानसभा सत्र में कानून लाने की तैयारी करें। मादक पदार्थों के अवैध करोबार सहित अन्य संगठित अपराधों से भावी पीढ़ी को बड़ा खतरा है। ऎसे में कानून बनाकर सख्त कार्रवाई की जाना जरूरी है। उन्होंने एसओजी की हैल्पलाइन जल्द बनाने के निर्देश दिए। नेशनल हाईवे पर मादक पदार्थों की बिक्री आदि पर भी सख्त कार्रवाई हो।

घटनाओं की सही जानकारी के लिए उचित सिस्टम विकसित करें

गहलोत ने कहा कि कुछ प्रकरणों में देखा गया है कि अपराध या घटना होने पर सही सूचनाएं नहीं मिल पाई। अधिकारी निचले स्तर तक ऎसा सिस्टम विकसित करें, जिससे घटनाओं की सही जानकारी समय पर प्राप्त हो सके और पीड़ित को न्याय दिलाने की दिशा में त्वरित कार्रवाई की जा सके तथा भ्रांतियां नहीं फैलें। अवैध हथियारों पर रोकथाम के लिए हथियार डीलर के यहां स्टॉक की प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए।

कारतूसों के अवैध बेचान पर हो प्रभावी निगरानी

गृह राज्य मंत्री राजेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि अवैध कारतूसों पर नकेल कसने की आवश्यकता है। इसके लिए गन डीलर से कारतूसों के बेचान की प्रभावी मॉनिटरिंग हो। अवैध ड्रग्स के कारोबार को रोकने के लिए दवा निर्माताओं तथा विक्रेताओं पर सतत निगरानी रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति और सुदृृढ़ कर मिसाल कायम करें।

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