गहलोत सरकार बीजेपी के पूर्व मंत्रियों और विधायकों के मुकदमे वापस लिए तो राहुल गांधी के ऊपर ईडी की कार्रवाई को भी रोक दिया जाए : पूनिया

जयपुर

जयपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने सोमवार को पिंकसिटी प्रेस क्लब में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में कांग्रेस को जमकर आड़े हाथों लिया। पूनिया ने कहा कि राहुल गांधी को ईडी का नोटिस है, इसमें बीजेपी का कोई दखल नहीं है। ईडी संवैधानिक संस्था है और अदालत के आदेश पर ईडी केस की जांच शुरू की है। राहुल गांधी निर्दोष हैं तो उन्हें किसी चीज का डर नहीं होना चाहिए, जो सच्चाई होगी वह जल्दी सबके सामने आ जाएगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि राजस्थान में गहलोत सरकार ने अगर बीजेपी के पूर्व मंत्रियों और विधायकों के मुकदमे वापस लिए तो राहुल गांधी के ऊपर ईडी की कार्रवाई को भी रोक दिया जाए।

अग्निपथ योजना पर पूनिया ने कहा कि योजना के खिलाफ गहलोत सरकार ने कैबिनेट में प्रस्ताव पास कर युवाओं को भड़काने और गुमराह करने का काम किया है। देश के युवा जब इस योजना के बारे में समझेंगे, वह कांग्रेस को माफ नहीं करेंगे।

सतीश पूनिया ने कहा कि जो कल था वो आज नहीं है, जो आज है वो कल नहीं होगा। कई बार कुछ मुद्दों की समझ नहीं होने की वजह से तात्कालिक प्रतिक्रिया होती है, लेकिन प्रदेश का नौजवान बखूबी समझेगा और इन सब विवादों से दूर होकर अपनी तैयारी में लगेगा। पूनिया ने कहा कि नौसेना और वायुसेना ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। जल्दी इसका लाभ नौजवानों को मिलेगा।

पूनिया ने कहा कि अग्निपथ योजना में कांग्रेस पार्टी और राजस्थान सरकार की भूमिका घृणित और विध्वंसक है। लोकतंत्र में कोई योजना लागू होती है, उसके खिलाफ कैबिनेट में कोई प्रस्ताव लागू करे, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इस तरह से लोगों को भड़काने और गुमराह करने की सरकार की कोशिश रही है और इसके लिए सरकार की पूरी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया है।

कांग्रेस को चाहिए था कि योजनाओं की खूबी के बारे में युवाओं को बताते और उन्हें इस योजना से जुड़ने के लिए जागरूक करते, क्योंकि जब योजना धरातल पर उतरेगी और लोगों के बीच में जाएगी तब नौजवान बहुत बेहतर तरीके से समझेगा। मुझे भरोसा है कि देश का युवा इस बात को समझेगा कि देश की सेना ने और सरकार ने उनके भले के लिए कोई योजना शुरू की है।

पूनिया ने कहा कि अग्निपथ योजना से सेना और मजबूत होगी। हमारे पड़ोसी हमारे सामने बड़ी चुनौती है। ऐसे में सेना को मजबूत किया जा रहा है। आधुनिकीकरण की तरफ हम तेजी से बढ़ रहे हैं। भारतीय सेना में नवाचार की जरूरत है और इससे नौजवान को ज्यादा से ज्यादा जोड़ा जा रहा है तो इसमें गलत क्या है? जो लोग विरोध कर रहे हैं क्या उनमें सभी युवा हैं? जो तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आ रही हैं, उसमें पत्थर फेंकने वाले 35-35 साल के दाढ़ी वाले लोग हैं, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इसका विरोध कौन कर रहा है। इसमें किसका स्वार्थ है, यह भी समझने की जरूरत है।

सतीश पूनिया ने कहा कि पहले 52 दिन सरकार बाड़े में बंद रही और अब मुख्यमंत्री से सभी विधायक और अब मंत्री दिल्ली में पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यह बताएं कि आखिर वह प्रदेश की जनता को किसके हवाले छोड़ कर गए हैं। तीन साल में आधा वक्त उन्होंने बाड़ेबंदी में गुजार दिया। आखिर क्या वह प्रदेश की जनता को जवाब देंगे? जिस तरीके से महिलाओं का चीरहरण हो रहा है, भ्रष्टाचार चरम पर है, गुंडे-बदमाशों ने तांडव मचा रखा है और यह सब इसलिए हो रहा है, क्योंकि सरकार आम जनता की सुध नहीं ले पा रही है।

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