जयपुरवासियों ने 75 लाख रुपए के मसालों की खरीद की

जयपुर

राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2022 में 164 प्रकार के मसाले और खाद्यान्न उत्पाद उपलब्ध

जयपुर। रजिस्ट्रार सहकारिता मुक्तानंद अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला के माध्यम से जयपुरवासियों को गुणवत्ता वाले मसाले उपलब्ध हो सके, इसके लिए सहकारिता विभाग देश एवं प्रदेश की सहकारी समितियों को एक प्लेटफार्म उपलब्ध करवाता है। इस मेले के माध्यम से हजारों जयपुरवासी अपनी जरूरत के अनुसार वर्षभर के मसाले खरीदते है।

अग्रवाल शुक्रवार को जवाहर कला केन्द्र में 9 मई तक आयोजित हो रहे राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2022 का अवलोकन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस मेले के माध्यम से 75 लाख रुपए से अधिक मसालों की बिक्री हो चुकी है। मेले में 10 प्रकार के साबुत गरम मसाले, 13 परम्परागत मसाले, 27 प्रकार के इंस्टेंट मसाले, 5 प्रकार के परम्परागत साबुत मसाले, 16 प्रकार के आचार, 26 प्रकार के शर्बत, 5 प्रकार की ठण्डाई, 5 प्रकार के मुरब्बे, 7 प्रकार की सूखी सब्जियां, ड्राईफ्रूट, डेयरी उत्पाद, खाद्यान्न एवं अनाज, तेल एवं अन्य खाने की सामग्री सहित कुल 164 प्रकार के उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए है।

पहली बार मेले में जैविक उत्पाद के साथ-साथ जैविक सब्जिया भी आम लोगों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के उपभोक्ता भंडारों जैसे जयपुर, कोटा, उदयपुर, राजसमंद, नागौर, जोधपुर, भरतपुर, अजमेर, बीकानेर बूंदी, के द्वारा क्षेत्र विशेष में उत्पादित हो रहे खाद्यान्न एवं मसाले उचित मूल्य पर उपलब्ध कराए गए है।

अग्रवाल ने आबूरोड़ की सौंफ, उदयपुर के गेंहू, बीकानेर के पापड़, कोटा भंडार की सामग्री, सीकर के प्याज, जैविक उत्पादों सहित अन्य सहकारी समितियों द्वारा लाई गई मसाला सामग्री एवं उत्पाद के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विजिट के दौरान मसाला खरीदने आए लोगों से भी संवाद किया तथा मेले के बारे में फीडबैक लिया।

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