जयपुर नगर निगम ग्रेटर में घमासान की तैयारी, महापौर ने आयुक्त को दिए कार्यकारिणी समिति की बैठक बुलाने के निर्देश

जयपुर

जयपुर। राजधानी के नगर निगम ग्रेटर में एक बार घमासान की तैयारियां की जा रही है। इस बार घमासान कार्यकारिणी समिति की बैठक में होगा, जबकि भाजपा पार्षद निगम आयुक्त व अन्य अधिकारियों को विभिन्न मुद्दों पर घेरेंगे।

निगम के भाजपा पार्षदों ने हाल ही में महापौर सौम्या गुर्जर को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें विभिन्न प्रस्तावों को लेकर कार्यकारिणी समिति की बैठक बुलाने की मांग की थी। इस मांग के बाद महापौर ने आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव को निर्देश दिए कि कार्यकारिणी समिति की बैठक काफी समय से नहीं हुई है, अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा नहीं होने से जरूरी कार्य अटके हुए हैं। इसलिए कार्यकारिणी समिति की बैठक की तिथि तय की जाए, जिससे प्रस्तावों पर चर्चा हो सके।

महापौर के निर्देश के बाद आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव ने सोमवार को समस्त जोन उपायुक्त, उपायुक्त मुख्यालय, समस्त शाखा प्रभारी अधिकारियों को को निर्देश दिए हैं कि कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। इस बाबत महापौर द्वारा दिए गए आदेशों के अनुसार समिति की बैठक में विचारार्थ, चर्चा के लिए रखे जाने वाले प्रस्ताव 28 फरवरी तक प्रेशित करें।

इन प्रस्तावों पर होगी चर्चा
महापौर द्वारा आयुक्त को दिए गए आदेशों के अनुसार 16 प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। इनमें बीवीजी कंपनी के कारण बिगड़ी सफाई व्यवस्था और स्वच्छता सर्वेक्षण की कार्ययोजना, 150 वार्डों में 50-50 लाख के विकास कार्य और 5 लाख के नवीन विकास कार्यों में आ रही बाधाओं पर चर्चा, प्रशासन शहरों के संग अभियान में अपेक्षा के अनुरूप पट्टों का वितरण नहीं होना, स्ट्रीट व पार्कों की लाइटों की समस्याए, नगर निगम की संपत्तियों की नीलामी, फायर एनओसी जारी करने में शिथिलता, कच्ची बस्तियों के सर्वेक्षण व पुनर्वास के संबंध में कार्ययोजना, उद्यान-सर्किल-तिराहा-सामुदायिक केंद्र-मोक्षधाम के रखरखाव पर चर्चा, डेयरी बूथ आवंटन में सरकार के अनावश्यक हस्तक्षेप पर चर्चा, संसाधनों के आवंटन में निगम ग्रेटर से भेदभाव, केंद्र सरकार की योजनाओं, आउटडोर होर्डिंग में निगम को हुए नुकसान, जर्जर सीवर लाइनों, कचरा परिवहन और लीगेसी वेस्ट, जेसीटीएसएल के चेयरमैन पद पर गे्रटर महापौर को नियुक्त करने जैसे प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी।

महापौर-आयुक्त में विवादों का पुराना इतिहास
ग्रेटर में भाजपा बोर्ड बनने के साथ ही यहां घमासान शुरू हो गया था, क्योंकि सरकार कांगे्रस की है। नया बोर्ड बनते ही सरकार ने यहां यज्ञमित्र सिंह आयुक्त लगाया था और तभी से महापौर और आयुक्त के बीच तनातनी जग-जाहिर है। इनमें बीवीजी कंपनी का मुद्दा सबसे प्रमुख है। इसी विवाद के चलते महापौर को लंबे समय तक अपनी कुर्सी से हटना पड़ा। अब वह वापस आई हैं, तो पुरानी दुश्मनियां निकाली ही जाएंगी। उधर भाजपा पार्षद भी निगम प्रशासन से खासा खफा है। ऐसे में कार्यकारिणी समिति के लिए ऐसे विवादित विषयों को चुना गया है, जिसमें हंगामा हो सके और पार्षद अधिकारियों व आयुक्त की खिंचाई कर सकें। सबसे पहला प्रस्ताव ही बीवीजी कंपनी का है, जिससे बैठक की शुरूआत ही घमासान से होगी।

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