जयपुर में बनेगा प्रदेश का पहला स्वचालित रोप-वे

जयपुर

जयपुर। राजधानी स्थित खोले के हनुमान जी मंदिर परिसर में प्रदेश का पहला स्वचालित और जयपुर के सबसे बड़े पेसेंजर रोप-वे का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। जयपुर कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने शुक्रवार को खोले के हनुमान जी मंदिर परिसर में रोप-वे निमार्ण का निरीक्षण किया।

उन्होंने बताया कि इस रोप-वे का नाम अन्नपूर्णा माता रोप-वे होगा जो कि प्रदेश का पांचवां और जयपुर जिले के सामोद हनुमानजी रोप-वे के बाद दूसरा रोप-वे होगा। अन्नपूर्णा माता मंदिर से खोले के हनुमान मंदिर की पहाड़ी पर स्थित वैष्णोमाता मंदिर तक 436 मीटर लंबा रोप-वे बनाया जा रहा है। रोप-वे निर्माण के लिए फर्म और जयपुर जिला प्रशासन के बीच करार हुआ है जिसके बाद फर्म को रोप-वे अधिनियम के तहत लाइसेंस जारी किया जाएगा।

एक घंटे में सफर कर सकेंगे 800 यात्री
निरीक्षण के दौरान रोप वे निर्माण की फर्म के पदाधिकारियों ने कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित को बताया कि पांच टावरों पर संचालित किये जाने वाले रोप-वे की उंचाई 85 मीटर होगी। 24 ट्रॉली वाले इस रोप वे की क्षमता 800 यात्री प्रति घंटा होगी। कलेक्टर ने निर्माता फर्म को 2 साल में रोप-वे निर्माण के निर्देश दिये हैं। कलक्टर ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है इसलिए रोप-वे निर्माण में गुणवत्ता का खास ध्यान दिया जाए। निर्माण के दौरान और संचालन के शुरू होने के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा रोप वे के सुरक्षा मापदंडों की नियमित रूप से जांच की जाएगी। रोप-वे के निर्माण में जयपुर की विरासत, शिल्पकला और वैभव की छटा देखने को मिलेगी।

बच्चों और बुजुर्गों को मिलेगी निःशुल्क सफर की सौगात
कलक्टर ने कहा कि रोप-वे निर्माण करने वाली फर्म को 0 से 5 वर्ष आयुवर्ग वाले बच्चों और 70 साल से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों के साथ-साथ दिव्यांगों को रोप-वे के जरिये निःशुल्क सफर करवाने के लिए निर्देशित किया गया है। रोप-वे के एक तरफ का सफर करीब साढ़े 4 मिनट में पूरा होगा इस दौरान यात्रियों को जयपुर का विहंगम दृश्य दिखाने के लिए ट्रॉली को बीच सफर में दो बार रोका जाएगा।

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