नम भूमियों का संरक्षण समाज की सक्रिय भागीदारी से ही संभव, राजस्थान में करीबन 12 हजार वेटलैंड्स चिन्हित

जयपुर

जयपुर। राज्य आर्द्र्भूमि प्राधिकरण, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग एवं वन विभाग की ओर से विश्व नम भूमि (वेटलैंड्स) दिवस पर बुधवार को जयपुर जिले की चाकसू तहसील के बरखेड़ा बांध पर राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रमुख शासन सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग श्रेया गुहा ने कहा कि नम भूमियों का संरक्षण समाज की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है।

गुहा ने बताया कि वर्ष 2022 के लिए विश्व नम भूमि दिवस की थीम ‘वेटलैंड्स एक्शन फॉर पीपल एंड नेचर’ है। नम भूमियों का संरक्षण वन्यजीव जन्तुओं एवं पशु पक्षियों के लिये तो आवश्यक है ही, साथ ही ये पर्यावरण संतुलन के लिये भी जरूरी है। राज्य सरकार की यह प्राथमिकता है कि इस तरह में कार्यक्रमों के आयोजन के माध्यम से समुदाय को पर्यावरण संरक्षण की मुहिम से जोड़कर उन्हें पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाएं।

नम भूमियों की उपयोगिता के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इन नम भूमियों में जब पानी रहता है तो उससे भूजल स्तर बढने के साथ साथ जलीय जीवों के लिए भी वह आवास के रूप में कार्य करता है। राज्य में नम भूमि संरक्षण हेतु करीबन 12 हजार वेटलैंड्स चिह्वित हैं।

राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ किया गया एवं बरखेड़ा बांध नम भूमि क्षेत्र की साफ-सफाई का कार्य स्थानीय लोगों एवं युवाओं के सहयोग से किया गया। बरखेड़ा बांध पर लगभग 50 से अधिक प्रजातियों के पक्षी देखे जाते हैं, जिनका बर्ड वॉचिंग सेशन भी किया गया। साथ ही अवेयरनेस केम्पेनिंग, वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं निबंध लेखन जैसी गतिविधियां भी की गई।

कार्यक्रम में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उच्च अधिकारी, सदस्य सचिव राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण विक्रम केशरी प्रधान, कर्मचारी एवं युवा एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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