निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर को सुप्रीम कोर्ट से राहत, राज्य सरकार के आदेश पर लगाया स्टे

जयपुर

जयपुर। राजधानी के जयपुर नगर निगम ग्रेटर की निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मामले में सुनवाई के बाद राज्य सरकार के आदेश पर स्टे दे दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद गुर्जर के घर बीजेपी पार्षद, ग्रेटर नगर निगम के कई समिति चेयरमैन और कार्यकर्ता पहुंचे और यहां ढोल नगाड़ों के बीच जश्न का माहौल बन गया। कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलाते हुए कहा कि सत्य परेशान हो सकता है पर पराजित नहीं।

सु्प्रीम कोर्ट में जस्टिस संजय किशन कौल, एमएम सुंदरेष की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई हुई। इसमें राजस्थान सरकार की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता डॉ.मनीष सिंघवी ने पक्ष रखा, जबकि सौम्या गुर्जर की तरफ से अधिवक्ता अमन पेश हुए थे। भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के अनैतिक व असंवैधानिक निर्णय को गलत मानते हुए यह स्टे दिया। यह लोकतंत्र की एक बड़ी जीत है।

राज्य सरकार ने 6 जून को आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव से हुए विवाद के बाद सौम्या गुर्जर को मेयर पद से और अन्य तीन पार्षदों को निलंबित कर दिया था। इस निलंबन के बाद राज्य सरकार ने इस प्रकरण की न्यायिक जांच शुरू करवा दी थी। सरकार के निलंबन के फैसले को सौम्या गुर्जर ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने प्रकरण में न्यायिक जांच होने तक दखल देने और निलंबन के आदेशों पर स्टे देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद सौम्या गुर्जर के समर्थन में भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में पहले 4 बार सुनवाई हो गई, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ था।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को ही ग्रेटर नगर निगम की कार्यवाहक महापौर शील धाभाई का कार्यकाल 60 दिन और बढ़ाया गया और मंगलवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित महापौर सौम्या गुर्जर को अंतरिम राहत देते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। ये आदेश न्यायिक जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगा। फैसला आने के बाद सौम्या गुर्जर अपने पुत्र के साथ करौली स्थित कैला देवी के दर्शन करने के लिए रवाना हुई। बताया जा रहा है कि आज उनके पुत्र का भी जन्मदिन है।

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