मुख्यमंत्री गहलोत के भाई के ठिकानों पर सीबीआई का छापा, गहलोत बोले राहुल गांधी के समर्थन में दिल्ली आने के कारण हो रही बदले की कार्रवाई

जयपुर

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत के ठिकानों पर सीबीआइ ने शुक्रवार सुबह दबिश देकर तलाशी शुरू की। सीबीआइ दिल्ली के अधिकारी जांच में जुटे हैं। उधर जयपुर पहुंचे मुख्यमंत्री गहलोत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बदले की भावना से यह कार्रवाई कर रहा है।

सीबीआइ की अलग-अलग टीमों ने सुबह मुख्यमंत्री के भाई अग्रसेन गहलोत के ठिकानों पर छापेमारी की। मण्डोर क्षेत्र में फार्म हाउस पर बने मकान और पावटा चौराहे पर खाद बीज की दुकान-ऑफिस पर सीबीआइ पहुंची। मकान में तलाशी शुरू की गई है। पावटा चौराहे पर दुकान-ऑफिस बंद होने से सर्च शुरू नहीं हो पाया।

सीएम के भाई अग्रसेन गहलोत की पावटा चौराहे पर खाद बीज की दुकान है। खाद के वितरण में गड़बड़ी की शिकायत को लेकर वर्ष 2020 में ईडी ने भी अग्रसेन गहलोत के ठिकानों पर दबिश देकर सर्च की थी। ईडी के नोटिस पर उन्हें दिल्ली तलब करके पूछताछ की गई थी।

ई डी के अधिकारियों के अनुसार अग्रसेन गहलोत की कंपनी अनुपम कृषि, म्यूरियेट ऑफ पोटाश फर्टिलाइजर के एक्सपोर्ट पर बैन होने के बावजूद उसके निर्यात में शामिल थी। एमओपी को इंडियन पोटाश लिमिटेड इम्पोर्ट कर किसानों को सब्सिडी पर बेचती है।

अग्रसेन गहलोत आई पी के ऑथराइज्ड डीलर थे। वर्ष 2007 से 2009 के बीच उनकी कंपनी ने सब्सिडाइज्ड रेट पर खरीदा, लेकिन उसे किसानों को बेचने की बजाय दूसरी कंपनियों को बेच दिया। उन कंपनियों ने एमओपी को इंडस्ट्रियल सॉल्ट के नाम पर मलेशिया और सिंगापुर पहुंचा दिया।

डायरेक्ट्रोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने वर्ष 2012-13 में फर्टिलाइजर घोटाले का खुलासा किया था। कस्टम विभाग ने अग्रसेन की कंपनी पर करीब 5.46 करोड़ रुपए की पेनाल्टी भी लगाई थी। भाजपा ने वर्ष 2017 में इसे मुद्दा बनाया। यह मामला अब फिर से चर्चा में आ गया है।

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