मोदी शाह लोकतंत्र का मुखौटा पहनकरकर रहे राजनीति : गहलोत

जयपुर

जयपुर। राहुल गांधी से ईडी पूछताछ का विरोध कर रहे कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने और कांग्रेस मुख्यालय में पुलिस घुसने को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और उन्हें फासिस्ट बताया। गहलोत ने कहा कि यह लोग फासिस्ट हैं, जिंदगी में इन्होंने कभी लोकतंत्र पर विश्वास नहीं किया, मोदी हो शाह हो या उनका पूरा कुनबा हो, यह लोग खाली लोकतंत्र का मुखौटा पहनकर राजनीति कर रहे हैं। इनका कोई संबंध लोकतंत्र से नहीं है, वरना ऐसी हरकत नहीं करते। राहुल गांधी को कभी नहीं बुलाते ईडी के अंदर, सोनिया गांधी को नोटिस देने की हिम्मत नहीं होती इनकी। इनका विश्वास लोकतंत्र में नहीं है। हमारे समय में यदि किसी पर आरोप लगते थे तो तुरंत इस्तीफा होता था। यह होती है लोकतंत्र की मूल भावना। खाली ध्रुविकरण हिंदु के नाम पर, मुस्लिम के नाम पर यह राजनीति कर रहे हैं।

गहलोत ने कहा कि राजस्थान में हमारी सरकार है, भाजपा वाले राजस्थान में आंदोलन करें, तो क्या हम वो ही व्यवहार करें जो इन्होंने हमारे साथ किया। एआईसीसी का दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए, मीडियावालों को और वर्कर्स को पीटकर बाहर निकाल दिया। राजस्थान में आज हम लोग सरकार में है, भाजपा अगर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रही है, धरना दे रही है, प्रदर्शन कर रही है, तो करे वो लोकतंत्र है। तो क्या हम ऐसा ही व्यवहार करें वहां पर, तो इन पर क्या बीतेगी?

सीएम गहलोत ने कहा कि ये जेपी नड्डा जी को सोचना चाहिए। राजस्थान के जितने भी तथाकथित नेता हैं, उनको यहां मैसेज देना चाहिए कि एआईसीसी में पुलिस भेजकर आपने बहुत गलत काम किया है । हम यहां बैठे हैं, हमारा कार्यालय है भाजपा का, कल सरकार हमारी नहीं है, कोई हमारे कार्यालय में घुस जाएं तो फिर क्या होगा? ये उनकी ड्यूटी बनती है।

सीएम गहलोत ने कहा कि ये कोई दुश्मनी निभा रहे हैं क्या हम लोगों से? अगर हम लोग लंबे समय तक सत्ता में रहे तो त्याग-बलिदान के कारण रहे थे, आज जो कुछ दिख रहा है देश में उसमें कांग्रेस का योगदान है। आजादी के बाद क्या था? कुछ नहीं था, ये नई पीढ़ी को मालूम नहीं है। हिंदुत्व के नाम पर भड़का रहे हैं और लोग भड़क रहे हैं और इनको सत्ता में ला रहे हैं, चुनाव जीत रहे हैं ये लोग। अरे कोई बात नहीं जीत गए आप, तो जो आज तक का जो है कांग्रेस का, उसके कारण आप जीते हो, अगर आज कांग्रेस 70 साल तक लोकतंत्र को कायम नहीं रखती, तो आप कैसे प्रधानमंत्री बनते ?

गहलोत ने कहा कि हालात बड़े गंभीर हैं और ये भी टाइम निकल जाएगा, इनको मुंह की खानी पड़ेगी, कुछ नहीं होने वाला है। अभी पीएम मोदी और अमित शाह के नजदीकी मित्र और सलाहकार इन्हें सही सलाह नहीं दे रहे हैं। वे सलाह देते हुए घबराते होंगे कि पता नहीं प्रधानमंत्री जी नाराज हो जाएंगे।

जो जमीनी हकीकत है वो प्रधानमंत्री जी के कानों तक जानी चाहिए कि एजेंसियों के दुरुपयोग पर देश का आम आदमी क्या सोच रहा है? सोनिया गांधी जैसी नेता जिसने प्रधानमंत्री का पद नहीं लिया उन्हें ईडी का नोटिस दिलवा दिया। प्रधानमंत्री नहीं बनने और बनने में रात-दिन का फर्क होता है, प्रधानमंत्री पद छोड़ दिया जिस महान नेता ने, उनको आपने नोटिस दिलवा दिया ईडी का? थोड़ी बहुत तो एजेंसी वालों को शर्म आनी चाहिए थी। वो कह सकते थे कि भई आप क्या करवा रहे हो हम लोगों से? पर कर दिया दबाव में क्योंकि उनको नौकरी करनी है बेचारों को।

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