शाह ने गुटबाजों को दी नसीहत-संगठन की राह चलने वालों का सूरज नहीं होता अस्त, अगला चुनाव मोदी के नाम पर

जयपुर

जयपुर। भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के समापन सत्र में शामिल होने के लिए रविवार को जयपुर आए भाजपा के चाणक्य अमित शाह ने गुटबाजी से जूझती बीजेपी की प्रदेश इकाई को संगठन के हिसाब से चलने की नसीहत दे दी। उन्होंने साफ-साफ बता दिया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा में मुख्यमंत्री पद का कोई चेहरा नहीं होगा। भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी।

अपने संबोधन में शाह ने कहा कि संगठन स्थाई है। संगठन की राह पर चलने वालों का सूरज कभी अस्त नहीं होता, लेकिन यह रास्ता लम्बा जरूर होता है। शाह ने प्रदेश भर से जुटे भाजपा के प्रमुख कार्यकर्ताओं के बीच संदेश दिया कि राजस्थान में अगला विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही होगा। इस मिशन के लिए 2023 के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव के लिए सभी एकजुट होकर तैयारियां शुरू करें। उन्होंने कहा कि 2023 के चुनाव में इस निकम्मी और भ्रष्टाचारी अशोक गहलोत की सरकार को मूल समेत उखाड़कर फेंक कर दो तिहाई बहुमत से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनानी है।

उन्होंने गहलोत को चुनौति देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और गुजरात जाना बंद करें, यदि चाहें तो 2022 में उप्र के साथ अपने यहां भी चुनाव करा लें, उन्हें हकीकत पता चल जाएगी। राजस्थान में सरकार गिराने के आरोपों का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री बार-बार कहते है कि मेरी सरकार गिरा रहे है। अरे कौन उनकी सरकार गिरा रहा है? खुद ही उनके विधायक भाग रहे है। यह बैसाखियों के भरोसे चलने वाली सरकार है। भाजपा गहलोत सरकार को गिरा कर सरकार नहीं बनाएगी वरन 2023 में जनता के बीच जाकर इस सरकार को बदलने का काम करेगी। गहलोत सरकार पर तंज कसते हुए शाह ने कहा कि ‘पूरे राजस्थान में लॉ एंड ऑर्डर का अर्थ बदल गया है। लॉ एंड ऑर्डर का मतलब होता है कानून-व्यवस्था, लेकिन गहलोत जी ने लॉ एंड ऑर्डर का मतलब कर दिया है कि ‘लो और ऑर्डर करो। राजस्थान की गहलोत सरकार पूरी भ्रष्ट सरकार है।

शाह ने राहुल गांधी पर भी चुटकी लेते हुए कहा कि राहुल गांधी कोई काम करते हों या न करते हों, कम से कम ट्वीट तो करते ही हैं। कांग्रेस ने सत्तर के दशक में गरीबी हटाओ का नारा दिया था, जब मोदी जी आए तब भी करोड़ों घरों में बिजली नहीं थी, चूल्हा जलता नहीं था, शौचालय की व्यवस्था नहीं थी। वे सुन लें कि कांग्रेस ने गरीबी हटाने का नहीं, गरीब को ही हटाने का काम किया।

उल्लेखनीय है कि क्लियर न्यूज ने 19 जनवरी को ही ‘राजस्थान भाजपा में गुटबाजी के दल-दल में ही खिलेगा कम, मोदी-शाह होंगे 2023 विधानसभा चुनावों में भाजपा का चेहरा’खबर प्रकाशित कर बता दिया था कि राजस्थान में अगले विधानसभा चुनावों में किसी भी नेता को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर आगे नहीं किया जाएगा, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के चेहरे पर अगला विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। चुनाव जीतने के बाद ही केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा करेगा

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