सर्द मौसम में गुनगुनी धूप का मजा उठाते लोगों मकर संक्रांति पर गुड़ और तिल से बने लड्डू, गजक, रेवड़ी के साथ ही चाय और पकौड़ियों का भी आनंद उठाया। शाम होते-होते रोशनी से झिलमिल पतंगों से आसमान पटने लगा। जयपुर में तो पतंगबाजी के बाद जोरदार आतिशबाजी भी गयी।
मकर संक्रांति देश भर में अलग-अलग नामों से
उल्लेखनीय है कि मकर संक्रांति (Makar Sankranti) पर्व देश के विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग प्रकार और नामों से मनाई जाती रही है। पंजाब में संक्रांति से एक दिन पूर्व लोहड़ी, राजस्थान और उत्तर भारत के अनेक राज्यों में मकर संक्रांति, गुजरात में उत्तरायणी, केरल में मकर विलक्कु और असम में इसे बिहु उत्सव के तौर पर मनाते हैं। इस दिन सभी स्थानों पर सूर्य पूजा और दान-दक्षिणा के अलावा विभिन्न प्रकार के स्थानीय खेल भी खेले जाते हैं। कहीं, गुल्ली-डंडा, कहीं कबड्डी तो कहीं पतंगबाजी की जाती है।
जयपुर के पिंकसिटी प्रेस क्लब में मनाई गई संक्रांति
जयपुर के मकर संक्रांति के अवसर पर पिंकसिटी प्रेस क्लब में कोरोना प्रोटोकॉल की पालना में पतंगोत्सव का आयोजन किया गया। प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेश मीणा, महासचिव रामेंद्र सोलंकी ने पत्रकार परिवार के साथ पतंग उड़ाई। उन्होंने सभी पत्रकारों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी।

प्रेस क्लब की छत पर आयोजित पतंगोत्सव कार्यक्रम में पत्रकारों ने परिवार सहित भाग लिया। इस आयोजन में रंग बिरंगी पतंगें आसमान में अपने अपने रंगों एवं आकृति से आकर्षित कर रही थी। परिजनों ने उड़ी उड़ी रे पतंग मेरी उड़ी रे, आई वो, वो काटा…जैसे गानों की धुन पर पतंग उडाई। रंग-बिरंगी पतंगों जिस पर पक्षी बचाओ, बेटी बचाओ, कोरोना बचाव, यातायात नियमों के स्लोगन से गुलाबी नगर में संदेश दिया।
इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष एलएल शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य अनिता शर्मा, नमोनारायण अवस्थी, वसीम अकरम कुरैशी, पूर्व महासचिव रोशन लाल शर्मा, वरिष्ठ सदस्य बृहस्पति शर्मा, आशा पटेल, सुरेश योगी, विजय शर्मा किक्की, सुरेंद्र जैन पारस, संतोष शर्मा, सुरेश शर्मा, ब्रजभूषण शर्मा , श्याम शर्मा सहित अनेक पत्रकार एवं परिजन शामिल हुए।