कारोबारदिल्ली

तेजस, प्रचंड और ध्रुव… किस अफ्रीकी देश को भा गए भारतीय लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर

भारत के तेजस, ध्रुव और प्रचंड को नया खरीदार मिलने की संभावना बढ़ गई है। अफ्रीका का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश भारत से जल्द ही इन तीनों उड़न खटोलों को खरीद सकता है। तेजस भारत का स्वदेशी लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट है, ध्रुव अल्ट्रा लाइट हेलीकॉप्टर है और प्रचंड लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर है।
भारत तेजी से स्वदेशी हथियारों का निर्यातक बन रहा है। दुनियाभर के देश भारतीय हथियारों की खरीद के लिए लाइन लगाकर खड़े हैं। इनमें न सिर्फ एशियाई और यूरोपीय देश, बल्कि अफ्रीकी देश भी शामिल हैं। हाल में ही भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल, पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लांचर और 155एमएम एटीएजीएस तोप को दुनिया के अलग-अलग देशों को निर्यात किया है। अब अफ्रीका के एक देश ने भारत के एलसीए तेजस लड़ाकू विमान, एएलएच ध्रुव और एलसीएच प्रचंड हेलीकॉप्टरों में रुचि दिखाई है। इस देश का नाम नाइजीरिया है। नाइजीरिया और भारत के संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं। यही कारण है कि भारत ने जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान सदस्य न होते हुए भी नाइजीरियाई राष्ट्रपति बोला टीनुबू को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया था।
तेजस की ताकत देख चुका है नाइजीरिया
यूरेशियन टाइम्स के अनुसार, नाइजीरिया अफ्रीका महाद्वीप का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। नाइजीरिया ने हाल में ही 1 बिलियन डॉलर के रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर करने को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य नाइजारिया को डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। एचएएल के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल ने तेजस विमान का प्रदर्शन देखा था। हालांकि, नाइजीरियाई पायलटों को अभी भी तेजस और दूसरे हेलीकॉप्टरों को उड़ाना बाकी है। इन सैन्य खरीदों के लिए बातचीत अभी प्रारंभिक चरण में है।
नाइजीरियाई पायलटों को ट्रेनिंग दे रहा भारत
इन सैन्य विमानों का निर्माण करने वाली हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने नाइजीरियाई आर्मी एविएशन के छह पायलटों को चेतक हेलीकॉप्टरों पर प्रशिक्षित किया है। प्रशिक्षण का पहला चरण दिसंबर 2021 में पूरा हुआ और दूसरा चरण दिसंबर 2022 तक पूरा हुआ। प्रत्येक नाइजीरियाई सेना के पायलट को ट्रेनिंग के हिस्से के रूप में 70 घंटे की उड़ान प्रशिक्षण दिया गया था। भारत नाइजीरिया को एलसीए, एएलएच और एलयूएच की पेशकश कर रहा है और कह रहा है कि यह मंच नाइजीरियाई बलों की ताकत बढ़ाएगा।
भारत के साथ रक्षा संबंध बढ़ा रहा नाइजीरिया
भारत में नाइजीरियाई उच्चायोग के रक्षा सलाहकार कमोडोर एंथनी विक्टर कुजोह ने 2022 में कहा था कि नाइजीरिया न केवल प्रशिक्षण के लिए, बल्कि विमानों और हेलीकॉप्टरों के अधिग्रहण की दिशा में भी एचएएल के साथ व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाना चाहेगा। 2020 में, नाइजीरियाई सेना और वायुसेना ने लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्राप्त करने में रुचि दिखाई। सेना पूर्वोत्तर क्षेत्र में तैनात अपने सैनिकों को हवाई सहायता देने के लिए हमलावर हेलीकॉप्टरों को भी खरीदने की इच्छुक है। हेलीकॉप्टरों को जमीनी हमले करने और छोटे ड्रोन से हवाई हमलों को रोकने की आवश्यकता होगी। वे हथियारों से लैस होकर काफिले को एस्कॉर्ट करने के अलावा जमीन पर मौजूद टैंकों के लिए आंख-कान भी बन सकेंगे।
नाइजीरिया को लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टरों की क्या जरूरत
नाइजीरियाई सेना लंबे समय से बोको हराम आतंकवादियों से लड़ाई लड़ रही है। लेकिन, इस दौरान उन्हें कमजोर हवाई ताकत से परेशान होना पड़ा है। नाइजीरियाई सेना ने खुद स्वीकारा है कि उन्हें आतंकवादियों और विद्रोहियों से जल्दी निपटने के लिए अपनी हवाई शक्ति को बढ़ाने की जरूरत है। एचएएल के अलावा, यूरोपीय विमान निर्माता एयरबस और तुर्की टीएआई ने अपने हेलीकॉप्टर नाइजीरिया में तैनात किए हैं।

Related posts

Juicy Booty play jack and the beanstalk slot free Playtech Https

admin

तिहाड़ जेल के 125 कैदी एचआई पीड़ित और 200 सिफलिस के मरीज..!

Clearnews

Just How Tinder Changed Dating

admin