जयपुर

जयपुर में स्थापित होगा राजीव गांधी सेन्टर ऑफ एडवांस टेक्नोलॉजी

विश्वस्तरीय कंपनियां देंगी आईटी के नवाचारों पर प्रशिक्षण

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने युवाओं को सूचना तकनीक की नवीनतम विधाओं का प्रशिक्षण देने के लिए जयपुर के सूचना केन्द्र में स्थापित किए जाने वाले राजीव गांधी सेन्टर ऑफ एडवांस टेक्नोलॉजी में विश्वस्तरीय आईटी कंपनियों को सुसज्जित प्रशिक्षण स्थान एवं रख-रखाव सुविधा निःशुल्क प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

गहलोत ने वर्ष 2021-22 के बजट में प्रदेश के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स तथा वर्चुअल रियलिटी में सर्टिफिकेट कोर्स एवं मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च कराने के साथ-साथ आमजन को इस क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की जानकारी कराने के लिए जयपुर में 200 करोड़ रुपए की राशि से राजीव गांधी सेन्टर ऑफ एडवान्स टेक्नोलॉजी स्थापित करने की घोषणा की थी।

इस सेन्टर की परिकल्पना एक उच्च स्तरीय संस्थान के रूप में की गई है, जिसमें आईटी की विश्व स्तरीय कंपनियों द्वारा प्रदेश के युवाओं के लिए सूचना तकनीक के नवीनतम प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने राज्य में इन कंपनियों को अपनी प्रशिक्षण सुविधाएं प्रारम्भ करने के काम को सुविधाजनक बनाने तथा उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए सुसज्जित प्रशिक्षण संस्थान एवं रख-रखाव की सुविधा निःशुल्क प्रदान करने की मंजूरी दी है।

इस संस्थान में विश्वस्तरीय आईटी कंपनियों के द्वारा ट्रेनिंग पार्टनर्स के रूप में विभिन्न प्रकार के गुणवत्ता युक्त प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तीन श्रेणियों में संचालित किए जाएंगे। इसमें पहला प्रीमियम पाठ्यक्रम होगा,जो शुल्क आधारित होगा। दूसरा पाठ्यक्रम राज्य सरकार द्वारा अनुदानित होगा,जिसमें प्रत्येक ट्रेनिंग पार्टनर्स के लिए 100 बच्चों का चयन किया जाएगा। तीसरा पाठ्यक्रम ई-लर्निंग पर आधारित होगा और निःशुल्क होगा, जिसमें पाठ्यक्रम सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

Related posts

पत्रकारों को सरकार कोरोना वारियर्स (corona warriors) कहती है पर जयपुर मालवीय नगर पुलिस थाना क्षेत्र में रिपोर्टर बनवारी उपाध्याय से अपराधियों की तरह बर्ताव किया पुलिस ने

admin

महात्मा गांधी की जयंती पर होगा प्रशासन शहरों के संग अभियान-2021 का शुभारंभ

admin

वन अधिकारियों (Forest officers) की मिलीभगत से लेपर्ड सेंचुरी (leopard century) की जमीन पर बढ़ रहे अतिक्रमण (Encroachment)

admin