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नाॅर्थ रिंग रोड में अड़चनें: सुमेल, विजयपुरा, बगराना में जमीन अवाप्ति का विरोध

जयपुर शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए उत्तरी रिंग रोड बनाने की योजना शुरू की जा रही है। उत्तरी रिंग रोड आगरा रोड पर बगराना से शुरू होकर दिल्ली बाइपास होते हुए चौंप गांव तक बनेगी।
उत्तरी रिंग रोड के लिए भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया को अक्टूबर 2023 तक पूरा करने की योजना है। इसके लिए 388 हैक्टेयर भूमि अवाप्ति की जाएगी। इसके लिए गजट नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। इसबीच, जेडीए क्षेत्र में एनएचएआई की ओर से दिए जा रहे जमीनों के मुआवजे को लेकर लोगों का विरोध शुरू हो गया है। हालांकि, रिंग रोड की अधिकतर जमीन इकोलॉजिकल जोन में आ रही है, लेकिन सुमेल, विजयपुरा, बगराना की अधिकतर भूमि खातेदारी से जुड़ी है, जिनमें काॅलोनियां भी काटी गई हैं। एनएचएआई की ओर से अवाप्ति क्षेत्र में आई जमीन पर बने मकान, दुकान, कुआं, बोरवेल, हैंडपंप, पेड़ों, किसी यूनिट वगैरह का असेसमेंट कर उसका भी मुआवजा खातेदार को दिया जाएगा।
जेडीए क्षेत्र में जमीनों के डीएलसी दरों से बाजार भाव चार गुना
आगरा रोड निवासी मुकेश मीणा का कहना है कि बगराना, विजयपुरा, सुमेल में जमीनों के बाजार भाव डीएलसी दरों से 4 गुना ज्यादा है। एनएचएआई डीएलसी दरों पर मुआवजा दे रही है। ऐसे में काॅलोनियां कटी हुई है, उनको भारी नुकसान है।
खातेदारों ने जमीन डवलपर्स को बेची, पर जमाबंदी उनके नाम
विजयपुरा निवासी हरिमोहन शर्मा का कहना है कि जमीनों को खातेदारों ने डवलपरों को बेच दिया, पर मूल रूप से जमाबंदी में जमीन अब भी खातेदारों के नाम से है। ऐसे में उनके भूखंडों की जमीन अवाप्ति होगी तो मुआवजा खातेदार को मिलेगा।
कब्जा लेने से पहले मुआवजे का निर्धारण करें
सुमेल निवासी कालूराम मीणा का कहना है कि मुआवजे का निपटारा अवाप्ति से पहले किया जाना चाहिए। रिंग रोड प्रोजेक्ट के लिए अक्टूबर तक अवाप्तशुदा जमीन के बदले मुआवजा देकर कब्जा लेने की प्लानिंग है। यहां भी डीएलसी से बाजार भाव तीन से चार गुना तक है।
कलेक्ट्रेट में कमरा नंबर 109 में होगी आपत्तियों पर सुनवाई
उत्तरी रिंग रोड के लिए भूमि अवाप्ति को लेकर प्रशासन ने लोगों की आपत्तियां सुनने के लिए एडीएम द्वितीय अमृता चैधरी को नियुक्त किया है। वे 5 से 28 जून 2023 तक कलेक्ट्रेट में कमरा नंबर 109 में लोगों की आपत्तियों पर सुनवाई करेगी। प्रोजेक्ट में कुल 34 गांवों की भूमि अवाप्त की जाएगी। जिनमें जयपुर तहसील के 6, आमेर के 14 और जमवारामगढ़ के 14 गांवों की भूमि अवाप्त की जाएगी। अमृता चैधरी ने बताया कि रूपा की नांगल व सुमेल की 5 जून, विजयपुरा की 7 व 8 जून, मालपुरा चैड़ व मालपुरा डूंगर की 9 जून और बगराना की 12 व 13 जून को सुनवाई की जाएगी।

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