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Mrs. Serial Killer Review: क्राइम पेट्रोल के डायलॉग्स, ढीला स्क्रीनप्ले, जैकलीन की नई फिल्म में नहीं है दम

मनोरंजन

जैकलीन फर्नांडिस की नेटफ्लिक्स ओरिजिनल फिल्म मिसेज सीरियल किलर रिलीज हो गई है और हम बता रहे हैं कि इस फिल्म में आपको क्या देखने को मिलेगा. पढ़िए हमारा रिव्यू.

जैकलीन फर्नांडिस की फिल्म मिसेज सीरियल किलर का ऐलान जब हुआ था, तब उनके लुक को देखकर और कहानी के बारे में जानकर फैन्स की दिलचस्पी और उत्साह बढ़ा था. नेटफ्लिक्स की इस फिल्म का इंतजार सभी को काफी समय से था और अब जब ये आ गई है, तो हमें अपनी सोच पर शक होने लगा है.

हिंदी सिनेमा में मिस्ट्री थ्रिलर फिल्मों के बारे में सोचें तो तापसी पन्नू की बदला, विद्या बालन की कहानी, उर्मिला मातोंडकर की कौन, रानी की मर्दानी 2 जैसे कई नाम आपके दिमाग में आते हैं. फिर एक ऐसी मूवी नेटफ्लिक्स पर आती है, जो लॉकडाउन में बीत रहे आपके खराब दिनों को और खराब बना देती है. जैकलीन की मिसेज सीरियल किलर वही फिल्म है.

ये है फिल्म की कहानी?

बाकी बातें बाद में पहले बता दूं कि ये फिल्म शिरीष कुंदर ने खुद लिखी है, इसका निर्देशन, क्रिएशन और यहां तक कि म्यूजिक भी उन्होंने खुद ही दिया है. जो नहीं होना चाहिए था! अब करते हैं कहानी की बात. कहानी असल में ये है कि शहर के एक मशहूर गायनोलॉजिस्ट को सीरियल किलिंग के जुर्म में पुलिस गिरफ्तार कर लेती है. ऐसे में उसकी पत्नी अपने निर्दोष पति को बचाने और उसकी बेगुनाही साबित करने के लिए कुछ भी कर सकती है.

परफॉर्मेंस

फिल्म में जैकलीन फर्नांडिस ने सोना का किरदार निभाया है और उनके पति डॉक्टर मृत्युंजॉय मुखर्जी के रोल में हैं मनोज बाजपेयी. मृत्युंजॉय उर्फ जॉय एक बड़ा मैटरनिटी होम चलाते हैं और उनकी पत्नी सोना एक पुलिसवाले इमरान शाहिद (मोहित रैना) से परेशान हैं. इमरान और सोना का एक राज है, जो किसी को नहीं पता. साथ ही इमरान, जॉय को जेल भेजने की पूरी कोशिश में लगा हुआ है. वो कामयाब भी होता है लेकिन फिर कहानी में ऐसा मोड़ आता है कि आप थोड़ा सा चौंक जाते हैं.

इस फिल्म में चौंकने वाली बहुत सी बातें हैं वैसे. जैसे जैकलीन फर्नांडिस इतने अच्छे सेटअप वाले सीन को इतना खराब कैसे कर सकती हैं. मनोज बाजपेयी ने इस फिल्म को करने के लिए हां क्यों किया. मोहित रैना के किरदार को फिल्म के बीच में अचानक क्या हो गया? और भी बहुत कुछ. पर हम परफॉर्मेंस की बात कर लेते हैं. जैकलीन की डायलॉग डिलीवरी अभी भी उतनी ही खराब है, जितनी उनके करियर के शुरूआती दिनों में हुआ करती थी. उनकी एक्टिंग में कोई दम नहीं है. इस फिल्म में उनकी चीखें अच्छी निकली हैं बस और वो काफी खूबसूरत भी दिखी हैं.

इससे पहले जैकलीन ने नेटफ्लिक्स की ही फिल्म ड्राइव में भी काम किया था. खुद को बेकार से बेकार फिल्में करने का चैलेंज जैकी क्यों दे रही हैं, ये बात समझ नहीं आ रही.

मनोज बाजपेयी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बढ़िया कलाकारों में से एक हैं. इस फिल्म में भी उन्हें शाइन तो करना ही था और उन्होंने किया भी. लेकिन एक एक्टर पूरी फिल्म नहीं बचा सकता ना. उसके किरदार में लेयर्स थीं, जिन्हें परत-दर-परत खोला जाता तो कमाल हो जाता. ऐसे ही इमरान शाहिद के रोल में मोहित रैना ने अच्छा काम किया है. लेकिन वो भी इस फिल्म को बचा नहीं पाए. वो खुद अपनी परफॉर्मेंस को अंत तक संभाल ही नहीं पाए.

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