वाशिंग्टन। अमेरिका से निर्वासित भारतीय नागरिकों को लेकर आ रही दूसरी फ्लाइट आज यानी 15 फरवरी को अमृतसर में लैंड करेगी। सूत्रों के अनुसार, इसके बाद भी एक और फ्लाइट के आने की संभावना है। इससे पहले, 5 फरवरी को 104 भारतीयों को लेकर एक अमेरिकी सैन्य विमान अमृतसर पहुंचा था, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत सबसे बड़े निर्वासन अभियानों में से एक माना जा रहा है।
फ्लाइट की लैंडिंग को लेकर सियासी विवाद
इस फैसले पर विवाद शुरू हो गया है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बीजेपी सरकार पर जानबूझकर पंजाब को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार अमृतसर में निर्वासित भारतीयों की फ्लाइट उतरवाकर पंजाब को बदनाम करना चाहती है। यह हरियाणा या गुजरात में क्यों नहीं उतर सकती? यह साफ तौर पर पंजाब की छवि धूमिल करने की साजिश है। यह विमान अहमदाबाद में उतरना चाहिए।”
487 भारतीयों को अमेरिका से भेजा जाएगा वापस
इससे पहले, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पुष्टि की थी कि अमेरिका ने 487 संभावित भारतीय नागरिकों को निर्वासित करने का आदेश जारी किया है। ये सभी गैरकानूनी तरीकों से अमेरिका में घुसने का प्रयास कर रहे थे। निर्वासित नागरिकों ने आरोप लगाया कि उन्हें यात्रा के दौरान अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि पूरी यात्रा के दौरान उनके हाथ और पैर जंजीरों से बांधे गए, जिन्हें केवल लैंडिंग के बाद खोला गया।
भारत सरकार ने जताई चिंता
विदेश सचिव मिस्री ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि भारत सरकार अमेरिका के सामने यह मामला उठाएगी।
इसके अलावा, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्यसभा में बताया कि अमेरिका से भारतीयों का निर्वासन कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा, “2009 से अब तक 15,668 भारतीय अवैध प्रवासियों को अमेरिका से निर्वासित किया जा चुका है। सरकार अपने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।”