जयपुर

ओबीसी आरक्षण विसंगतियों को दूर करने के लिए युवाओं का जयपुर में महापड़ाव, युवओं को समर्थन के लिए धरने पर बैठे हरीष चौधरी

जयपुर। ओबीसी आरक्षण की विसंगतियों को दूर करने के लिए शुक्रवार को राजधानी जयपुर में ओबीसी वर्ग के युवाओं का धरना शुरू हो गया। ओबीसी आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले हुए इस धरने में युवाओं को समर्थन देने के लिए पूर्व केबिनेट मंत्री और पंजाब चुनाव प्रभारी रहे हरीष चौधरी भी शामिल हुए। संघर्ष समिति की मांग है कि सरकार राज्य में भर्तियों के लिए जारी 2018 के परिपत्र में संशोधन करे और सही रोस्टर बनाए, जिससे ओबीसी के लोगों के साथ न्याय हो और उन्हें आरक्षण का पूरा लाभ मिल सके।

राजधानी में महापडाव शुरू होने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी ट्वीट कर ओबीसी युवाओं को भरोसा दिलाया है कि OBC आरक्षण के संबंध में पैदा हुईं विसंगतियों का सकारात्मक हल करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया है। विभागीय एवं कानूनी राय लेकर इस मुद्दे का जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा जिससे यह न्यायिक प्रक्रिया में ना अटके।

ओबीसी आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से लगातर मांग के बावजूद ओबीसी आरक्षण में हुई विसंगतियां दूर नहीं होने पर जयपुर में यह महापडाव डाला गया है। ओबीसी वर्ग को 21 फीसदी आरक्षण बहाल करने और विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रदेशभर से बड़ी संख्या में ओबीसी से जुड़े युवा राजधानी जयपुर में सड़कों पर उतर गए और उन्होंने शहीद स्मारक पर महापडाव डाल दिया।
संघर्ष समिति की ओर से बताया गया कि ओबीसी आरक्षण की विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर राजस्थान में पिछले 3 महीने से आंदोलन चल रहा है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लगातार सभाएं हुईं और अब ओबीसी वर्ग के युवा ने जयपुर में महापड़ाव डाल दिया। युवाओं में नाराजगी इस बात की है कि विसंगतियों की वजह से ओबीसी के मूल अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी नहीं मिल पा रही है। 21 प्रतिशत आरक्षण के बावजूद शून्य पद ओबीसी के रहे।

महापडाव में पहुंचे हरीष चौधरी ने बताया कि राजस्थान के कई विधायकों ने ओबीसी अभ्यर्थियों की मांग को जायज बताते हुए सरकार से मांग की है कि आरक्षण की विसंगतियों को शीघ्र दूर करे। इसके लिए दो दर्जन से ज्यादा विधायक मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं। चौधरी ने कहा कि राजस्थान में ओबीसी वर्ग को 21 फीसदी आरक्षण मिला हुआ है, लेकिन साल 2018 में सरकार के कार्मिक विभाग ने ओबीसी की भर्तियों में भूतपूर्व सैनिक का कोटा निर्धारित कर दिया, जिससे भूतपूर्व सैनिक इस पूरे कोटे का लाभ उठा रहे हैं और ओबीसी वर्ग के अन्य अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिल पा रहा है। 21 प्रतिशत आरक्षण होने के बावजूद ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों का एक भी पद पर चयन नहीं हुआ। विभाग ने भर्तियों को लेकर जो उपनियम बनाए हैं, उन्हें वापस लिया जाए और भूतपूर्व सैनिकों का कोटा अलग से निर्धारित किया जाए जो ओबीसी वर्ग के 21 फीसदी आरक्षण से अलग हो।

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