धान

कृषि कानूनः कांग्रेस शासित राज्यों में बनेगा विरोध में कानून, केंद्र ने एमएसपी पर खरीदा धान

जयपुर कृषि राजनीति

जयपुर। देश के विभिन्न राज्यों में केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों का जमकर विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस ने इन कानूनों को किसानों के साथ धोखा करार दिया है। ये कानून देश में लागू ना हों  इसके लिए अब कांग्रेस ने अपनी सभी राज्य सरकारों को इनके खिलाफ कानून लाने के लिए कहा है। राजस्थान में तो ऐसा कानून लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। उधर, केंद्र सरकार ने हरियाणा और पंजाब के किसानों से एमएसपी पर 10.53 करोड़ रुपए का धान खरीदकर जताया है कि एमएसपी खरीद पर इन कानूनों का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ राज्यों में कानून लाएंः कांग्रेस

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश का कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 254 (2) के तहत राज्यों को यह अधिकार हासिल है कि वे अपने क्षेत्राधिकार में दखल देने वाले केंद्रीय कानूनों को मानने से इनकार कर सकते हैं। इसी संदर्भ में कांग्रेस ने राजस्थान सहित अन्य राज्यों में जहां उसकी सरकारें हैं, उनसे केंद्रीय कानूनों के विरुद्ध राज्य का कानून लाने के लिए कहा है। केरल के कांग्रेसी सांसद टीएन प्रतापन ने तो सुप्रीम कोर्ट में इन केंद्रीय कृषि कानूनों के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।

गहलोत ने राज्यपाल को दिया ज्ञापन

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्यपाल कलराज मिश्र को केन्द्र के कृषि कानूनों के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही अब कांग्रेस राज्य विधानसभा में इसके खिलाफ कानून लाने की तैयारी में जुट गई है। उधर, राजस्थान में उप मुख्यमंत्री रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने केन्द्र सरकार के कृषि कानून का विरोध करते हुए किसानों के लिए इसे हानिकारक बताया है। पायलट का कहना है कि इस कानून से मंडियां खत्म हो जाएंगी। किसान कैसे मुंबई- दिल्ली जाकर अपनी उपज बेचेगा। सबसे बड़ी बात इसमें किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का जिक्र नहीं है।

केंद्र ने एमएसपी पर खरीदा धान

कृषि कानूनों के विरोध के बीच केंद्र सरकार ने धान खरीद के आंकड़े जारी करते हुए बताया है कि बीते दो दिनों में हरियाणा और पंजाब के किसानों से 10.53 करोड़ रुपए का धान एमएसपी पर खरीदा गया है। ऐसा करने के पीछे सरकार उद्देश्य यह दर्शाना है कि कृषि कानूनों का एमएसपी पर अनाज की खरीद को लेकर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ने वाला है।

किसान कर्जमाफी के वादे का क्या हुआ : पूनियां

भारतीय जनता पार्टी के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीसीसी प्रमुख गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा कृषि कानूनों को लेकर राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन पर कहा है कि कांग्रेस ने 55 साल के राज में किसानों की भलाई के लिए क्या किया,  इस बारे में वह स्पष्ट करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यू-टर्न लेने की पुरानी आदत है, राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस ने दस दिनों में संपूर्ण किसान कर्जमाफी का वादा किया था,  लेकिन दो साल बाद अब तक भी तक किसान कर्जमाफी नहीं की है।

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