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छबड़ा में 660-660 मेगावाट की 2 यूनिट और कालीसिन्ध में 800 मेगावाट की 1 अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल यूनिट के पॉवर प्रोजेक्ट होंगे स्थापित

जयपुर

पर्यावरण संरक्षण के साथ विद्युत उत्पादन कर राजस्थान विद्युत क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के छबड़ा में अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट में 660-660 मेगावाट क्षमता की दो यूनिट तथा कालीसिन्ध में 800 मेगावाट क्षमता का एक अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट स्थापित करने के प्रस्तावों का अनुमोदन किया है।

मुख्यमंत्री की स्वीकृति से छबड़ा तापीय विद्युत परियोजना का विस्तार कर 9606.06 करोड़ रूपए लागत की 660-660 मेगावाट क्षमता की 2 अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल तकनीक आधारित इकाईयां स्थापित होगी। साथ ही कालीसिन्ध तापीय विद्युत परियोजना का विस्तार करते हुए 6054.58 करोड़ रूपए लागत की 800 मेगावाट क्षमता की 1 अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल तकनीक आधारित इकाई स्थापित हो सकेगी।

राजस्थान सरकार विद्युत उत्पादन क्षेत्र में न केवल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना चाहती है वरन् इसे पॉवर सरप्लस बनाने के लिए प्रयासरत है। इस दृष्टि से प्रदेश में विद्युत उत्पादन बढ़ाने की दिशा में छबड़ा एवं कालीसिन्ध में कुल 2120 मेगावाट क्षमता की विद्युत परियोजनाओं के स्थापित होने से जहां राज्य विद्युत उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर होगा। वहीं, स्थानीय क्षेत्र के विकास एवं रोजगार के क्षेत्र में वृद्धि होगी।

उल्लेखनीय है कि गहलोत ने बजट 2022-23 में उत्पादन निगम के थर्मल पॉवर प्लांट्स में कोयले की बचत, प्रदूषण में कमी एवं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल तकनीक आधारित थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट की स्थापना हेतु घोषणा की थी।

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