पांच राज्यों के चुनाव में भाजपा की रणनीति से कांग्रेस में डर का माहौल, गहलोत बोले-भाजपा कर रही हिंदुत्व के नाम पर ध्रुवीकरण

जयपुर

जयपुर। पांच राज्यों के चुनाव में भाजपा की रणनीति से कांग्रेस में भय का माहौल नजर आने लगा है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पांच में से चार राज्यों में भाजपा की जीत के पीछे हिंदुत्व के नाम पर ध्रुवीकरण को कारण बताया है। गहलोत ने कहा कि भाजपा हिंदुत्व के नाम पर ध्रुवीकरण करके और चतुराई से बयान देकर चुनाव जीत गई। पूरे देश में हालात गंभीर हैं, जनता अच्छी तरह से जानती है कि यूपी में कोरोना प्रबंधन कैसे हुआ, लेकिन चुनाव में इन मुद्दों पर कोई बात ही नहीं हुई, पीएम मोदी और भाजपा के सभी नेताओं ने चतुराई से अपने वक्तव्य दिए और मीडिया स्क्रीन ने भी उनका साथ दिया।

गहलोत ने कहा कि मीडिया की स्क्रीन ने पूरा खेल बदलकर रख दिया और यही वजह है कि लोगों का माइंड बदला और उन्होंने मुद्दों की चिंता किए बिना भाजपा को वोट दिया। गहलोत शनिवार को दांडी मार्च 92वीं वर्षगांठ पर जयपुर में मीडिया से चर्चा कर रहे थे।

गहलोत ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बड़ी चतुराई से भाषण देते हैं। लोग प्रधानमंत्री की बात को सच मान लेते हैं। गहलोत ने कहा कि ये जिम्मेदारी विपक्ष की है कि जनता को सच्चाई तक पहुंचाया जाए। भाजपा को एक्सपोज करने का यही एकमात्र तरीका है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विपक्ष पर आरोप लगाते हैं कि विपक्ष केंद्रीय एजेंसियों को बदनाम कर रहा है, लेकिन पूरा देश देख रहा है कि आज सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ क्या कर रही है। इनकम टैक्स, ईडी, सीबीआई के एकतरफा छापे पड़ रहे हैं और पीएम उसके लिए भी विपक्ष को बदनाम कर रहे हैं।

गहलोत ने कहा कि देश में हिंसा और तनाव का माहौल है। वोटरों का ध्रुवीकरण हो रहा है, हम सब हिंदू हैं, लेकिन राजनीति हिंदुत्व के नाम पर हो रही है। ऐसे में आप चतुराई से भाषण देकर ध्रुवीकरण से चुनाव जीत सकते हैं, लेकिन आखिरकार देश में शांति सद्भाव सबसे ज्यादा जरूरी है। देश में प्यार-मोहब्बत से संबंध रखेंगे, हिंसा का माहौल नहीं रहेगा, अहिंसा का माहौल अपनाएंगे तब देश एक और अखंड रहेगा।

गहलोत ने शनिवार को मंत्रियों के साथ दांडी मार्च की 92वीं वर्षगांठ मनाई। उन्होंने कहा कि दांडी मार्च की वर्षगांठ पर हम यूक्रेन और रूस से वॉर को समाप्त कर शांति स्थापित करने की अपील कर रहे हैं। शांति का मार्ग ही देश दुनिया के लिए हितकर है। युद्ध में कितने लोग मारे जा रहे होंगे, किसी को नहीं मालूम। युद्ध के पक्ष में कोई नहीं है। गांधी का बताया अहिंसा का रास्ता ही सबसे सही है, उसी पर चलकर विश्व में शांति कायम हो सकती है।

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