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राज्य के 20वें जिले को मिली कोरोना जांच की अनुमति

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जयपुर। प्रदेश में अभी तक 19 जिलों के 26 केंद्रों पर कोरोना जांच की जा रही है। अब प्रदेश में 20वें जिले को भी कोरोना जांच की अनुमति मिल गई है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि शेष बचे जिलों में भी कोरोना जांच की सुविधाएं जल्द ही विकसित की जाएंगी। शर्मा ने बताया कि प्रदेश में हालांकि कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन पॉजिटिव से नेगेटिव हुए लोगों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। देशभर में राजस्थान की रिकवरी रेट सबसे ज्यादा है।

प्रदेश में 79 फीसदी मरीज कोरोना से ठीक हो रहे हैं। मृत्युदर भी राष्ट्रीय औसत से कम 2.3 फीसदी है। वर्तमान में प्रदेश में 3072 कोरोना पॉजिटिव केस हैं, इनमें से 2031 अस्पतालों में भर्ती है। शर्मा ने बताया कि राज्य में कोरोना से निपटने के लिए बेहुर इंतजाम किए गए हैं।

प्रदेश में 405 कोविड केयर सेंटर में 42 हजार से ज्यादा बैड्स हैं। इनमें 8 हजार से ज्यादा ऑक्सीजन सपोर्ट बैड, 1672 आईसीयू बैड, 881 वेंटिलेटर्स है। भारत सरकार की ओर से 1200 वेंटिलेटर्स उपलब्ध कराए जाएंग, इनमें से 300 वेंटिलेटर्स पोर्टेबल टाइप के होंगे।

शर्मा ने बताया कि राज्य में अब तक 7.50 लाख टेस्ट कराए जा चुके हैं। प्रदेश में 38250 टेस्ट प्रतिदिन करने की क्षमता विकसित कर ली है और प्रतिदिन 15-16 हजार जांचें प्रतिदिन की जा रही है। अमेरिका से कोबास मशीन के आने के बाद करीब 9 हजार जांचें प्रतिदिन और की जा सकेंगी।

राजस्थान ने पड़ौसी राज्यों को भी 5000 टेस्ट प्रतिदिन करने की सुविधाएं उपलब्ध कराई है। कोरोना मरीजों के दोगुना होने की राष्ट्रीय औसत 19 दिन है, जबकि राजस्थान में यह औसत 28 दिन है।