दिल्लीराजनीति

पूरी दिल्ली में सुंदरकांड, बीजेपी की काट या कुछ और…!

अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सियासत जारी है। विपक्षी गठबंधन इंडिया में शामिल कई दल इस कार्यक्रम को लेकर बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं। कांग्रेस समेत कई दलों ने कार्यक्रम में नहीं जाने का फैसला किया है। वहीं इस बीच आम आदमी पार्टी की ओर से एक बड़ा ऐलान किया गया।
राममय माहौल के बीच दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने बड़ा ऐलान किया है। राजधानी दिल्ली में हर महीने पहले मंगलवार को आप सुंदरकांड का आयोजन करेगी। विधायक और पार्षद हर महीने सुंदरकांड का आयोजन करेंगे। सुदरकांड के साथ-साथ हनुमान चालीसा का भी पाठ होगा। हर महीने 2600 जगहों पर सुंदरकांड का आयोजन पार्टी करेगी।
कदम क्या बीजेपी की काट के लिए है?
आप के नेता व दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सोमवार इसका ऐलान किया। आम आदमी पार्टी की ओर से यह ऐलान उस वक्त किया गया है जब विपक्षी पार्टियां 22 जनवरी को होने जा रहे राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर बीजेपी पर निशाना साध रही हैं। कांग्रेस समेत कई दल यह आरोप लगा रहे हैं कि बीजेपी इसके जरिए राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। इस मुद्दे पर जारी सियासत के बीच अब आम आदमी पार्टी की ओर से उठाया गया यह कदम क्या बीजेपी की काट के लिए है?
राम मंदिर सबके लिए गर्व व उल्लास की बात
दिल्ली के मंत्री और आप नेता सौरभ भारद्वाज ने सोमवार कहा कि राम जी के नाम और हनुमान जी की भक्ति पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। जो सवाल उठा रहा है वह गलत सवाल उठा रहा है। राम मंदिर के लिए हमलोगों की तरफ से कोई सवाल नहीं है। जब सुप्रीम कोर्ट में फैसला आया तो हमने इसका स्वागत किया। राम मंदिर बन रहा है यह हम सबके लिए बहुत गर्व व उल्लास की बात है।
केजरीवाल ने कहा था कि वे हनुमान के भक्त
हालांकि यह पहली बार नहीं है, जब पार्टी की ओर से हनुमान भक्ति दिखाई गई है। अरविंद केजरीवाल दिल्ली और पंजाब में चुनाव जीतने के बाद हनुमान जी के दर्शन के लिए मंदिर गए। मार्च 2021 में भी दिल्ली विधानसभा में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि वे हनुमान के भक्त हैं और हनुमान रामचंद्र जी के और इस नाते वह रामचंद्र जी के भी भक्त हुए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने दिल्ली के भीतर ‘राम राज्य’ लाने की कोशिश की है। उस वक्त ही दिल्ली के सीएम ने घोषणा करते हुए कहा था कि अयोध्या में भव्य मंदिर बनने के बाद सरकार बुजुर्गों को मुफ्त में दिल्ली से अयोध्या दर्शन के लिए ले जाएगी।
विपक्षी गठबंधन के दलों की अलग-अलग राय
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर विपक्षी गठबंधन के भीतर भी शामिल दलों की अलग-अलग राय है। कांग्रेस की ओर से पिछले दिनों यह क्लियर कर दिया गया कि उनकी पार्टी के नेता 22 जनवरी को अयोध्या के कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। कांग्रेस की ओर से यह आरोप लगाया गया कि यह कार्यक्रम आरएसएस और बीजेपी का है। वहीं गठबंधन में शामिल ममता बनर्जी ने भी इसको लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव और विश्व हिंदू परिषद के बीच इस मुद्दे पर खींचतान भी दिखी। अखिलेश यादव ने कहा है कि वह प्राण प्रतिष्ठा के बाद सपरिवार जाएंगे। सॉफ्ट हिंदुत्व वाली राजनीति से एक ओर जहां कांग्रेस किनारा करती नजर आ रही है तो वहीं दूसरी और आप का स्टैंड अलग नजर आ रहा है।

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