Black fungus upchar ke liye 2500 lipojomal amfoterecin b voil khareedne ks krayadesh jari, 8 badi companiyon ms beetcheet jari, rajasthan mein hain kareeb 100 mareej

ब्लैक फंगस उपचार के लिए 2500 लाइपोजोमल एम्फोटेरेसिन बी वॉइल खरीदने के क्रयादेश जारी, 8 बड़ी कंपनियों से बातचीत जारी, राजस्थान में हैं करीब 100 मरीज

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राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि ब्लैक फंगस की रोकथाम के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है। राज्य सरकार ने लाइपोजोमल एम्फोटेरेसिन बी के 2500 वाइल खरीदने के लिए सीरम कंपनी को क्रयादेश दे दिए हैं। सरकार देश की 8 बड़ी फार्मा कंपनियों से संपर्क कर रही है और दवा की खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर भी किया जा रहा है।

ब्लैक फंगस की दवा केंद्र सरकार के नियंत्रण में

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि अन्य दवाओं की तरह केंद्र सरकार ने ब्लैक फंगस की दवा को भी अपने नियंत्रण में ले लिया है और वही राज्यों को आपूर्ति कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को भारत सरकार से केवल 700 वाइल ही प्राप्त हुई हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बात कर राज्य को कम से कम 50 हजार वॉइल (दवा की शीशियां) देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह राज्यों में मरीजों के अनुपात में दवाओं का वितरण करे ताकि इस गंभीर बीमारी से लोगों को बचाया जा सके।

राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा राज्य में ब्लैक फंगस के मरीजों व उपचार की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए

डायबिटीज के मरीजों को अधिक खतरा

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना के बाद डायबिटीज के मरीज, ज्यादा समय तक आईसीयू में रहने, संक्रमण और स्टेरॉइड दवाओं के ज्यादा इस्तेमाल और कमजोर इम्यून सिस्टम के चलते ब्लैक फंगस के शिकार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के इलाज के दौरान ब्लड शुगर का स्तर नियमित जांच करते रहें। ज्यादा ब्लड शुगर होने पर इस रोग की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सरकारी व निजी अस्पतालों में कोविड के दौरान सीमित मात्रा में स्टेरॉइड देने के लिए निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

डॉ. शर्मा ने कहा कि राजस्थान में करीब 100 मरीज ब्लैक फंगस से प्रभावित हैं और सवाई मान सिंह अस्पताल में भी बीमारी के उपचार के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है, जहां पूरे प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों द्वारा सुझाए दवा के विकल्पों पर भी राज्य सरकार काम कर रही है। विशेषज्ञों के अंतिम निर्णय पर वैकल्पिक दवाओं का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वास्थ्य मंत्री को भेंट किए 100 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर

विश्व स्वास्थ्य संगठन की जयपुर इकाई ने सोमवार को चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा के राजकीय आवास पर 100 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर भेंट किए। डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार के स्तर पर हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। निजी व अन्य संस्थाओं के द्वारा सीएसआर के जरिए मिल रहे ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर से भी काफी मदद मिल रही है। उन्होंने महामारी के इस दौर में सहयोग के लिए डब्ल्यूएचओ का आभार जताया।

शहरों के अस्पतालों पर दबाव कम करने का प्रयास

डॉ रघु शर्मा ने कहा कि शहरों के अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों के दबाव को कम करने के लिए प्रदेश के सभी 350 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर कोरोना संक्रमितों के उपचार की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इन केंद्रों पर ऑक्सीजन सिलेंडर, आक्सीजन कंसन्ट्रेटर और अन्य जरूरी दवाओं की भी व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर ही उपचार मिल सके और उन्हें शहरों की ओर रूख नहीं करना पड़े।

डॉ. शर्मा ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर क्षमता के अनुसार बैड्स को रिजर्व कर मरीज को भर्ती किया जाएगा। कोरोना संक्रमण के इलाज के दौरान काम आने वाली सभी दवाइयों की आपूर्ति सीएचसी को भेजी जा रही हैं। इसके अतिरिक्त आक्सीजन के सिलेंडर व रेमडेसिविर इंजेक्शन भी इन केन्द्रों पर भेजे जा रहे हैं। सरकार का यह प्रयास है कि ग्रामीण मरीजों को समय पर इलाज मिले जिससे कि संक्रमण के प्रभाव को कम किया जा सके।

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