British Deputy High Commissioner meets Chief Minister, discusses investment in various sectors in Rajasthan

मुख्यमंत्री से ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर की मुलाकात, राजस्थान में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को लेकर हुई चर्चा

जयपुर

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर पीटर कुक ने मुलाकात की। इस दौरान उच्च शिक्षा, हैल्थ केयर, जलवायु परिवर्तन, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण, ऑयल, गैस, पेट्रोलियम, वस्त्र और रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में ब्रिटिश निवेश पर चर्चा की गई।

इस दौरान ब्रिटिश उप उच्चायुक्त ने राजस्थान में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भागीदारी का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में ब्रिटिश विश्वविद्यालयों के विशेष अध्ययन केन्द्र स्थापित किए जा सकते हैं। इससे यहां के युवाओं को अन्तरराष्ट्रीय तकनीक एवं नॉलेज शेयरिंग का लाभ मिलने के साथ ही ब्रिटिश युवाओं को यहां की संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा। हैल्थ केयर क्षेत्र में राजस्थान विगत वर्षों में तेजी से उभरा है।

यहां नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के क्षेत्र में कुशल मानवीय संसाधन उपलब्ध हैं। यहां के युवा इस क्षेत्र में ब्रिटेन में मौजूद रोजगार के बेहतर अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने वृद्धजनों की देखभाल के लिए ब्रिटेन की तरह राजस्थान में भी सुविधायुक्त केयर होम्स विकसित करने का सुझाव भी दिया।

कुक ने मुख्यमंत्री को इस साल नवम्बर माह में ग्लासगो में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के बारे में जानकारी दी और कहा कि क्लाइमेट चेंज जैसे ज्वलंत मुद्दे पर राजस्थान और यूके सहयोग कर सकते हैं। ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर ने चर्चा के दौरान राज्य सरकार द्वारा निवेश प्रोत्साहन एवं उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई नीतियों एवं नवाचारों की सराहना की। राजस्थान में ब्रिटिश निवेश बढ़ाने के लिए हम लगातार प्रयास करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए एमएसएमई एक्ट, राजस्थान औद्योगिक विकास नीति, राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना, वन स्टॉप शॉप, राजस्थान निर्यात संवद्र्धन परिषद, मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना सहित कई नीतिगत फैसले किए हैं। इससे राज्य में निवेश को लेकर अनुकूल वातावरण बना है। राजस्थान में रिफाइनरी का काम तेजी से चल रहा है और पेट्रोलियम, कैमिकल एवं पेट्रोकैमिकल निवेश क्षेत्र की स्थापना भी की जा रही है।

राजस्थान सौर ऊर्जा का हब बनता जा रहा है। ऐसे में विदेशी निवेश की दृष्टि से सर्वाधिक पसंदीदा राज्य के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन की नामी कम्पनियां प्रदेश में पहले से काम कर रही है और उनका अनुभव काफी सुखद रहा है।

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