कोरोना से बचाव का संदेश देगी शहर की सजावट

जयपुर

कोरोना से बने भय के माहौल को दूर करने के लिए बाजारों में होगी सजावट

जयपुर। कोरोना महामारी के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है। भारत में भी काम-धंधों के हाल अभी तक बेहाल है, इसके बावजूद जयपुर के व्यापारी इस वर्ष मंदी की मार झेलने के बाद भी दीपावली पर शहर के बाजारों में सजावट करेंगे। खास बात यह रहेगी कि व्यापार मंडलों की ओर से सजावट देखने आने वाले लोगों को कोरोना से बचाव का संदेश दिया जाएगा। इसके लिए बाजारों में बैनर-फ्लैक्स लगाए जाएंगे।

दीपावली पर जयपुर के बाजारों की सजावट विश्व प्रसिद्ध है और लाखों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक जयपुर की सजावट को देखने के लिए आते हैं और ऐसी सजावट पूरी जिंदगी उनके जेहन से नहीं निकल पाती है। कई पर्यटक तो बार-बार इसे देखने के लिए हर बार दीपावली पर जयपुर में आते हैं। इस दौरान बाजारों को चमकदार फर्रियों, बल्बों की झालरों, द्वारों, झांकियों से सजाते हैं।

इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण व्यापारियों के हाल खराब है। बाजारों में व्यापार नहीं है। इसके बावजूद व्यापारी सजावट करने को तैयार हो रहे हैं। सजावट में सबसे पहले एमआई रोड बाजार ने बाजी मारी है और बाजार को सजाया जा चुका है। एमआई रोड व्यापार मंडल के सुरेश सैनी का कहना है कि कोरोना के कारण लोगों में डर का माहौल है।

इसी डर को खत्म करने और माहौल को खुशगवार बनाने के लिए व्यापार मंडल की ओर से सजावट की गई है। इस वर्ष सजावट के पीछे हमारा मकसद व्यापार बढ़ाना नहीं है, बल्कि हम चाहते हैं कि लोग घरों से बाहर निकलें और उत्सव को उल्लास से मनाएं, ताकि पॉजिटिव फीलिंग उत्पन्न हो। हम चाहते हैं कि लोग बाजार में आएं और सजावट को निहारें। यदि लोगों के मन से भय का माहौल दूर होता है तो भविष्य में हमें इसका फायदा मिलेगा।

जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल का कहना है कि हालांकि व्यापारियों को कोरोना के कारण भारी नुकसान हुआ है, फिर भी व्यापारी इस वर्ष भी दीपावी की सजावट करेंगे। शहर के बाजारों में पांच दिनों तक सजावट की जाएगी। सभी व्यापार मंडलों ने सजावट का निर्णय कर लिया है। सजावट से बाजारों में ग्राहकी बढऩे की उम्मीद जगेगी। सजावट देखकर लोगों के मन में खरीदारी का उत्साह बढ़ेगा।

गोयल ने बताया कि हालांकि इस वर्ष पहले जैसी सजावट तो नहीं हो पाएगी, लेकिन हमारी कोशिश रहेगी कि ज्यादा से ज्यादा सजावट हो पाए। सजावट के लिए बांस-बल्लियों और कपड़े से गेट बनाने वाले, झांकियां सजाने वाले कारीगर बंगाल से आते थे। इस वर्ष अभी तक कारीगर नहीं आए हैं, जिससे सजावट पर कुछ फर्क पड़ सकता है, लेकिन यदि हमें कारीगरों की उपलब्धता होती है तो फिर सजावट में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

सजावट के लिए हर वर्ष सरकार की ओर से रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराई जाती है। व्यापारियों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए इस वर्ष व्यापार महासंघ ने सरकार को लिखा है कि उन्हें सजावट के लिए नि:शुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाए।

जौहरी बाजार व्यापार मंडल के कैलाश मित्तल ने बताया कि जौहरी बाजार जयपुर का सबसे प्रमुख बाजार है और हर वर्ष यहां दीपावली पर सबसे अच्छी सजावट की जाती है। इस वर्ष भी बाजार में सजावट देखने लायक रहेगी। सजावट के लिए कारीगरों का इंतजाम किया जा रहा है। कोरोना महामारी आज है कल खत्म हो जाएगी, लेकिन सजावट जयपुर के बाजारों की परंपरा है, इसलिए परंपरा का निर्वहन करने से हम नहीं चूकेंगे। बाजारों में सजावट होगी, लोग बाजारों की तरफ रुख करेगे, तभी हमारा व्यापार भी चलेगा।

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