Rama Devi won the election of Zilla Parishad member on Congress ticket and elected as Jaipur district chief (Zila Pramukh) from BJP ticket, a game of huge upheaval in the election of 6 district chiefs and heads of Panchayat Samiti in Rajasthan

कांग्रेस (Congress) के टिकट पर जिला परिषद सदस्य का चुनाव जीतीं रमा देवी भाजपा (BJP) के टिकट से बनीं जयपुर जिला प्रमुख (Zila Pramukh), राजस्थान में 6 जिला प्रमुखों व प्रधानों के चुनाव में हुआ भारी उलट-फेर का खेल

जयपुर

भारतीय जनता पार्टी (BJP)  ने दी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress) को पटखनी, राजस्थान के 6 जिला प्रमुखों (Zila Pramukh) के चुनाव में मुकाबला 3-3 की बराबरी पर

राजस्थान में छह जिला प्रमुखों के चुनाव परिणाम भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress) के बीच 3-3 की बराबरी पर रहे। यद्यपि बीजेपी को केवल सिरोही जिले में पूर्ण बहुमत हासिल था लेकिन जोड़-तोड़ की राजनीति मे इस बार उसने कांग्रेस को पटखनी दे, जयपुर और भरतपुर में भी अपना जिला प्रमुख (Zila Pramukh) बनवा लिया। उधर, कांग्रेस को 4 जिलों में बहुमत हासिल था किंतु वह दौसा, सवाई माधोपुर और जोधपुर में ही अपना जिला प्रमुख बनवा सकी।

सुबह भाजपा में शामिल हुईं और शाम को बनीं जयपुर जिला प्रमुख

कांग्रेस के साथ सबसे बड़ा खेल जयपुर में हुआ जब कांग्रेस के टिकट पर जिला परिषद सदस्य का चुनाव जीतने वाली रमा देवी सोमवार सुबह भाजपा में शामिल हो गयीं और शाम को जिला प्रमुख का चुनाव जीत गयीं। सिरोही में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत प्राप्त था तो वहां से अर्जुन पुरोहित जिला प्रमुख बने। भरतपुर में जद्दोजहद में बीजेपी उम्मीदवार पूर्व केंद्रीय मंत्री नटवर सिंह के पुत्र जगत सिंह जिला प्रमुख बने। जोधपुर में जिला प्रमुख के लिए कांग्रेस में ही गुटबाजी थी किंतु अंततः कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे परसराम मदेरणा की पुत्रवधु लीला मदेरणा ने बाजी मारी। दौसा से कांग्रेस के हीरा लाल सैनी और सवाई माधोपुर से कांग्रेस के ही सुदामा मीणा जिला प्रमुख निर्वाचित हुए।

रमा देवी को शपथ दिलाते जिला निर्वाचन अधिकार अंतर सिंह नेहरा

जहां तक पंचायत समितियों के चुनाव का सवाल है, उसमें 78 में से 49 में कांग्रेस पार्टी अपना बोर्ड बनाने में सफळ रही। बीजेपी केवल 25 में ही अपना बोर्ड बना सकी। आरएलपी और निर्दलीय उम्मीदवार 2-2 बोर्डों के प्रधान के पद पर काबिज हो सके। उल्लेखनीय यह भी रहा कि जिन 78 पंचायत समितियों में चुनाव हुए, उनमें 43 महिलाएं प्रधान चुनी गयीं। इनमें कांग्रेस की 26 महिला प्रधान हैं।

कुछ लोगों ने पीठ में छुरा घोंपने और विश्वासघात का काम किया- डोटासरा

जिला प्रमुखों के चुनाव में हुई भारी उलट-फेर पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, भाजपा, आरएसएस, पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह की नीति लोकतंत्र पर डाका और प्रजातंत्र का चीरहरण करने की रही है। धनबल, बाहुबल और भ्रष्टाचार के माध्यम से साम, दाम, दण्ड, भेद अपनाकर सत्ता हासिल करने की शिक्षा आरएसएस की पाठशालाओं में भाजपा नेताओं को दी जाती है। जिला प्रमुख के चुनावों में हमारी ही पार्टी के कुछ लोगों ने पीठ में छुरा घोंपने और विश्वासघात का काम किया है। बीजेपी के 25 में से 10 प्रधान केवल एक वोट से ही जीते हैं। एक वोट कम रह जाता तो भाजपा 15 पंचायत समितियों में ही अपना प्रधान बना पाती।

पंचायत और जिला परिषद चुनाव में भाजपा की जीत 2023 का ट्रेलर- पूनियां

राजस्थान भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनियां ने इन चुनावों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, यह परिणाम उन लोगों को सीधा-सीधा जवाब है जो भाजपा की हार में अपनी जीत देखते हैं। इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह और प्रदेश भाजपा के समस्त कार्यकर्ताओं को समर्पित करता हूं। यह मोदी सरकार की नीतियों और राष्ट्रवाद के विचारों की जीत है। पीसीसी अध्यक्ष ने दावा किया था कि भाजपा को जीत का टोटा पड़ जायेगा और कांग्रेस सबी 6 जिलों में जिला प्रमुख बनायेगी, उनका यह दावा विफल हो गया। उनका अंक गणित और ज्योतिष खराब है। पंचायत और जिला परिषद चुनाव में भाजपा की जीत 2023 का ट्रेलर है। आमतौर पर इस तरह के चुनाव में सत्तादारी दल की इकतरफा जीत होती है।

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