Guards set outside the hotel building if brahmin mahasabha

राजस्थान ब्राह्मण महासभा के अवैध छात्रावास पर निगम की कार्रवाई, काम रुकवाया, गार्ड बिठाए

जयपुर
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राजनैतिक रसूख से हॉस्टल की जमीन पर बनाया था मार्केट

जयपुर। सरकार से रियायती दरों पर मालवीय नगर में मिली जमीन पर राजस्थान ब्राह्मण महासभा की ओर से अवैध मार्केट बना दिए जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। इस मामले ने राजनीतिक हलकों में भी हडकंप मचा दिया है। जयपुर नगर निगम ग्रेटर ने शुक्रवार को यहां बन रहे अवैध मार्केट का काम रुकवा दिया और यहां गार्डों की तैनाती कर दी गई है, ताकि आगे अवैध निर्माण नहीं हो सके। जवाब नहीं दिए जाने की स्थिति में निगम की ओर से इस अवैध निर्माण पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महिला छात्रावास बनाने के लिए मिली जमीन पर महासभा ने राजनैतिक रसूख दिखाकर कार पार्किंग की जगह पर अवैध रूप से महालक्ष्मी मार्केट बना दिया। इस अवैध निर्माण पर निगम की ओर से लंबे समय से महासभा से जानकारी मांगी जा रही थी कि किस अनुमति से यहां मार्केट बनाया गया है, लेकिन राजनैतिक दखल के चलते आज तक निगम को न तो कोई दस्तावेज दिखाए गए हैं और न ही कोई लिखित जवाब पेश किया गया है।

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छात्रावास की इमारत जहां निगम ने सुबह काम बंद करवा कर गेट पर ताला डाल दिया

गुरुवार को क्लियर न्यूज ने ‘राजस्थान सरकार के रियायती जमीन पर निर्देशों के बाद राजस्थान ब्राह्मण महासभा के छात्रावास पर गर्माएगी सियासत’खबर प्रकाशित कर खुलासा किया था कि राजस्थान ब्राह्मण महासभा की ओर से मालवीय नगर सेक्टर-3 में बनाए जा रहे महिला छात्रावास में अवैध रूप से महालक्ष्मी मार्केट बना दिया गया है, जबकि साइट प्लान की शर्तों के अनुसार वह ऐसा नहीं कर सकते हैं। अवैध निर्माण करते ही यहां मिली निर्माण की अनुमति स्वत: ही समाप्त हो गई है।

हाल ही में सरकार की ओर से भी साफ कर दिया गया है कि रियायती दरों पर मिली जमीनों का संस्थाएं कोई अन्य उपयोग नहीं कर सकती है। यदि रियायती जमीन का अन्य उपयोग किया जाएगा, तो सरकार आवंटन निरस्त करेगी।

पदाधिकारी बोल रहे झूठ

नगर निगम के नोटिस के संबंध में जब हमने महासभा के सभापति व निर्माणकर्ता सुभाष पाराशर से बात की तो उन्होंने कहा था कि वह निगम को नोटिस का जवाब भेज चुके हैं और हमने 30 फीसदी सेटबैक छोड़ रखा है। जबकि अधिकारी कह रहे हैं कि महासभा की ओर से अभी तक कोई जवाब पेश नहीं किया गया है। लगता है कि महासभा राजनीतिक रसूख के चलते कानून को अपनी जेब में रखने की कोशिश में है। आज जब पाराशर से दोबारा संपर्क साधने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

जवाब नहीं दिया तो होगी कार्रवाई

नगर निगम ग्रेटर के मालवीय नगर जोन आयुक्त सुरेश चौधरी का कहना है कि हमें महासभा की ओर से नोटिस का कोई जवाब नहीं मिला है, इसलिए यहां काम रुकवाकर गार्डों की तैनाती की गई है। यदि महासभा नोटिस का जवाब नहीं देती है तो आगे कार्रवाई की जाएगी।

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