Curfew in 10 police station areas of Jodhpur after communal disturbance, 97 arrested and internet shut across the district

सांप्रदायिक उपद्रव के बाद जोधपुर के 10 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू, 97 गिरफ्तार और जिले भर में इंटरनेट बंद

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रात में भगवा झंडा हटाने और समुदाय विशेष द्वारा अपने मजहब का झंडा लगाने को लेकर हुआ था विवाद, सुबह गलियों में ​पथराव, पुलिसकर्मियों समेत कई घायल

जयपुर। करौली के बाद प्रदेश का जोधपुर शहर सांप्रदायिक दंगों की आग में झुलस गया है। शहर के जालोरी गेट पर भगवा झण्डा हटाकर और समुदाय विशेष का झण्डा लगाने को लेकर देर रात हुआ विवाद सुबह फिर भड़क उठा। मंगलवार सुबह धार्मिक आयोजन के बाद दोबारा से भीड़ जुट गई। पत्थरबाजी और आगजनी शुरू हो गई। पुलिस ने उपद्रवियों पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़ लोगों को खदेड़ा। अब तक उपद्रव में शामिल 97 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जोधपुर के 10 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है। वहीं जिले में आज रात 12 बजे तक इंटरनेट बंद किया है।

सुबह जोधपुर के शनिचर थाना इलाके में उपद्रवियों ने 20 से ज्यादा गाड़ियों के कांच तोड़ दिए और कई एटीएम और दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई। पथराव किया गया और गुण्डातत्व हाथों में धारदार हथियार लेकर सड़कों पर बेखौफ हंगामा करते नजर आए। दंगा​इयों ने सूरसागर से भाजपा ​विधायक सूर्यकांता व्यास के घर के बाहर भी हंगामा किया। तनाव की स्थिति को देखते हुए जयपुर से कई वरिष्ठ अधिकारियों को जोधपुर भेजा गया है।

उल्लेखनीय है कि जालोरी गेट चौराहे पर सोमवार देर रात कुछ लोगों ने यहां लगे भगवा को ध्वज हटाकर अपने मजहब का झंडा लगा दिया। इस दौरान आपसी कहासुनी के बाद मारपीट और पथराव शुरू हो गया। पथराव की चपेट में आकर कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने यहां लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया।

रात को दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक पत्थरबाजी और हंगामा चलता रहा। जालोरी गेट चौकी पर भी पथराव किया गया। पुलिस ने पूरे चौराहे की बैरिकेडिंग की। पुलिस ने खदेड़कर लोगों को घरों में भेजा। इसके बाद भारी संख्या में पुलिस जाब्ता ईदगाह रोड पर और जालोरी गेट चौराहे पर तैनात किया है। जालोरी गेट की ओर आने वाले कई रास्तों को बैरिकेडिंग लगाकर बंद किया गया। देर रात सूरसागर विधायक सूर्यकांता व्यास और निगम दक्षिण मेयर वनिता सेठ भी मौके पर पहुंचे और रात ढाई बजे तक पुलिस चौकी के बाहर बैठे थे।

सूरसागर विधायक ने जोधपुर में हुए बवाल के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि जोधपुर को जोधपुर रहने दो। इसे शमशान नहीं बनाना है। इस तरह की घटना होना मुख्यमंत्री के लिए शर्म की बात है। रातभर से हालात खराब है। मैं पुलिस के काम से संतुष्ट नहीं हूं। पुलिस दबाव में काम कर रही है। पुलिस निष्पक्ष काम करे। मैंने गलती की है तो मुझे भी सजा दो। कांग्रेस का एक भी जनप्रतिनिध यहां नहीं आया है। यह प्लानिंग के साथ काम किया है।

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