दिल्लीपर्यावरण

सरकारी प्लान के बावजूद दिल्ली की हवा जहरीली: नोएडा-गुरुग्राम में अगले तीन दिन में खतरनाक

दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम की हवा और ज्यादा जहरीली हो गई है। रविवार (29 अक्टूबर) एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 221 से 341 के बीच रिकॉर्ड किया गया।
दिल्ली की सरकार ने बढ़ते प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए 15-सूत्रीय विंटर प्लान बनाया था, बावजूद इसके राजधानी की हवा और ज्यादा खतरनाक होती जा रही है। शुक्रवार को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि प्रदूषण पर लगाम लगाने इन पॉइंट्स को लागू किया जा रहा है। रेड लाइन ऑन, गाड़ी ऑफ इसका ही हिस्सा है।
1 नवंबर से दिल्ली में डीजल बसों को परमिट नहीं
गोपाल राय ने कहा कि राजधानी में सभी बसें सीएनजी हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से आने वाली बसें डीजल वाली हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने निर्देश दिए थे कि 1 नवंबर से राजधानी में सिर्फ इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस-6 बसों को राजधानी में एंट्री की अनुमति दी जाएगी। केंद्र सरकार, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सरकारों से हमारी मांग है कि एनसीआर में डीजल बसों पर प्रतिबंध लगाया जाए।
अगले 3 दिन हालात और बिगड़ेंगे
दिल्ली में इन दिनों रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ जैसे कैंपेन चल रहे हैं। क्योंकि गाड़ियों और बायोमास जलने से पीएम 2.5 का लेवल बढ़ जाता है। राजधानी में 29 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक हवा की क्वॉलिटी और ज्यादा खराब होने का अनुमान लगाया गया है। यानी अगले 3 दिनों में धुंध और ज्यादा बढ़ सकती है।
नोएडा में एक्यूआई लेवल 372 रिकॉर्ड किया
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च इंडिया ने रविवार को दिल्ली का एक्यूआई बेहद खराब बताया। इसके मुताबिक दिल्ली में एक्यूआई 309, दिल्ली यूनिवर्सिटी के आसपास हवा की गुणवत्ता एक्यूआई 341 और नोएडा में एक्यूआई 372 दर्ज किया गया। दिल्ली की हवा को लेकर पूर्वानुमान लगाया गया है कि दिल्ली में अलग-अलग दिशाओं से 4 से 8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।
मुंबई में एक्यूआई को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंची याचिका
मुंबई में वायु प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है। जिसमें शहर के 1.70 करोड़ लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए तत्काल उपाय करने की मांग की गई है। साथ ही सिविल गार्डन और ट्री डिपार्टमेंट की जांच करने भी कहा गया है। जिसने दावा किया था कि उसने प्रदूषण कम करने हजारों पेड़ लगाए हैं।

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