Dhandhe (profession) mein barakat ke jhaanse mein aakar doodh vyavasaayee (milk trader) ne chadha dee raajasthaan raajya pashu oont (Rajasthan state camel) kee bali, 4 giraphtaar

धंधे (Profession) में बरकत के झांसे में आकर दूध व्यवसायी (Milk Trader) ने चढ़ा दी राजस्थान राज्य पशु ऊंट (Rajasthan State Animal Camel) की बलि, 4 गिरफ्तार

उदयपुर क्राइम न्यूज़

उदयपुर के सूरजपोल थाना इलाके में पुलिस क्वार्टरों के पीछे 24 मई को ऊंट बलि देने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में एक दूध व्यवसायी राजेश उर्फ राजू पुत्र लालू राम निवासी बलीचा, गोवर्धन विलास, उसके एक साथी रघुनाथ उर्फ रधुवीर सिंह पुत्र प्रेम सिंह देवड़ा निवासी सवीना खेड़ा, भोपा शोभा लाल पुत्र मेंदु लाल व भोपा के पुत्र चन्द्र प्रकाश उर्फ चेतन निवासी टेकरी को गिरफ्तार कर लिया है।

  उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. राजीव पचार ने बताया कि 24 मई की शाम थाना सूरजपोल के टेकरी इलाके में पुलिस क्वार्टरों के पीछे एक खाली प्लॉट में वहां से गुजर रहे पानी सप्लाई करने वाले सूरजपोल निवासी करण को एक मृत ऊंट पड़ा दिखाई दिया, जिसका केवल धड़ पडा था, गर्दन नहीं थी। पुलिस को रिपोर्ट देने पर जांच शुरू की गई। प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए एएसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा एवं सीओ राजीव जोशी के सुपरविजन में थानाधिकारी सूरजपोल हनवन्त सिंह की एक टीम गठित की गई।

 गठित टीम ने तकनीकी संसाधनों एवं मुखबिर की सूचना पर संदिग्ध चारों आरोपितों को हिरासत में लेकर कर पूछताछ की तो उन्होंने राज्य पशु ऊंट की हत्या की घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। जिस पर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर निशानदेही से ऊंट की गर्दन को दूध व्यवसाई राजेश उर्फ राजू के घर के बाहर जमीन के अन्दर से बरामद कर लिया गया है।

वारदात का तरीका व कारण

राजेश उर्फ राजू के पास बलीचा में दूध डेयरी का व्यवसाय करता है, जिसके पास स्वयं की करीब 30-35 गाय हैं। कुछ समय से राजेश की गाय दूध कम दे रही थी। जिस वजह से वह परेशान रहने लगा। राजेश ने जादू टोने का काम करने वाले भोपा शोभा लाल माली से सम्पर्क किया तो उसने ऊंट की बलि देने पर सभी परेशानियां दूर करने की बात कही और पुलिस लाइन के आस पास लावारिस ऊँट होने की बात बताई।

इसी क्रम में राजेश उर्फ राजू ने इस वारदात को अंजाम देने के लिये अपने साथी रघुनाथ उर्फ रघुवीर सिंह एवं भोपा शोभा लाल एवं उसके पुत्र चन्द्रपकाश उर्फ चेतन को साथ लेकर टेकरी के आस-पास ऊंट की तलाश की। ऊंट को करीब दो दिन तक घटना स्थल के आस पास घुमाया और उसे चारा आदि खिलाया परन्तु मौका नहीं मिलने से बलि नही दे पाये। 23 मई की रात करीब 11 बजे मौका पाकर पुलिस क्वाटर्स टेकरी के पीछे सुनसान क्षेत्र में खाली भूखण्डों में ले जाकर चन्द्र प्रकाश एवं रघुनाथ उर्फ रघुवीर ने धारदार तलवार एवं कुल्हाडी से ऊंट की गर्दन को काट कर गर्दन को कट्टे में भरकर भोपा के खेत में ले जाकर रख दिया और टोना-टोटका किया। दो दिन बाद गर्दन को राजेश उर्फ राजू अहीर के बलीचा स्थित मकान के बाहर गड्ढा खोद कर दबा दिया गया।

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