Distribution campaign of AYUSH prophylactic drugs started at National Institute of Ayurveda (NIA), Jaipur

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA), जयपुर में आयुष रोगनिरोधी दवाओं का वितरण अभियान (Distribution campaign) शुरू

जयपुर

आयुष और पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के हिस्से के रूप में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA), जयपुर में आयुष रोगनिरोधी दवाओं और आहार तथा जीवन शैली संबंधी लिखित दिशानिर्देशों के वितरण का अभियान (Distribution campaign) शुरू किया।

 इस अभियान के तहत अगले एक साल में देश भर के 75 लाख लोगों को संशामणि वटी, और अश्वगंधा घन वटी का वितरण देखा जाएगा। संशामणि वटी को गुडूची या गिलोय घन वटी के नाम से भी जाना जाता है। वितरण में वृद्ध (60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोग) आबादी और फ्रंट लाइन कर्मियों (अग्रिम पंक्ति के कर्मी) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इस मौके पर सोनोवाल ने सभा को संबोधित करते हुए देश भर में आयुर्वेद के संदेश को फैलाने के महत्व पर जोर दिया ताकि हर कोई इसे अपने जीवन के एक हिस्से के रूप में अपना सके और स्वस्थ राष्ट्र के लक्ष्य को प्राप्त कर सके। केंद्रीय मंत्री ने पूरे आयुर्वेद समुदाय से हाथ मिलाकर काम करने का भी आग्रह किया ताकि भारत आयुर्वेद और योग के अपने प्राचीन ज्ञान के माध्यम से दुनिया का नेतृत्व कर सके।

केंद्रीय मंत्री ने जयपुर के एनआईए अस्पताल का भी दौरा किया जहां उन्होंने छात्रों और अस्पताल के कर्मचारियों के साथ बातचीत की। वह अस्पताल की स्वच्छता और साफ-सफाई से काफी प्रभावित हुए। सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेदिक मेडिसिन (सीसीआरएएस) द्वारा आयुर्वेद रोगनिरोधी दवाओं के किट और दिशानिर्देश तैयार किए गए हैं।

रोगनिरोधी दवाओं और आहार एवं जीवन शैली से जुड़े दिशानिर्देशों को वितरित करने का अभियान भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ अभियान का एक हिस्सा है। साल भर चलने वाला यह अभियान अगस्त 2022 तक जारी रहेगा जब भारत स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मनाएगा।

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