राजनीति

ईद-उल-फितर: मेरठ पुलिस की चेतावनी पर असदुद्दीन ओवैसी ने जताई आपत्ति, ‘भेदभावपूर्ण’ करार दिया

हैदराबाद। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में ईद-उल-फितर के मौके पर सड़कों पर सामूहिक नमाज पढ़ने पर पुलिस की सख्त चेतावनी को ‘भेदभावपूर्ण फरमान’ बताया है।
ओवैसी ने इस फैसले की आलोचना करते हुए मेरठ में कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाने की घटना का जिक्र किया और इसे पुलिस का दोहरा रवैया करार दिया।
उन्होंने कहा, “मेरठ के एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा कि अगर कोई सड़क पर नमाज अदा करता पाया गया तो उसका पासपोर्ट और हथियार लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। अगर हम (मुसलमान) सड़क पर नमाज पढ़ें, तो हमारा पासपोर्ट रद्द कर देंगे और अगर कोई और (हिंदू) सड़क पर चले, तो उन पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए जाएंगे। यही है तुम्हारा न्यायिक सिस्टम?”
मेरठ पुलिस की चेतावनी क्या थी?
ओवैसी की यह टिप्पणी मेरठ पुलिस द्वारा 27 मार्च को जारी उस चेतावनी के बाद आई, जिसमें कहा गया था कि सड़कों पर अवैध रूप से सामूहिक नमाज अदा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ पुलिस ने कहा था कि जो लोग सड़कों पर बिना अनुमति के नमाज पढ़ते हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर उनका पासपोर्ट व ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
यह चेतावनी अलविदा जुम्मा (रमजान के आखिरी शुक्रवार) से एक दिन पहले दी गई थी, जो इस साल 29 मार्च को था। ईद-उल-फित्र के मौके पर भी सुबह की नमाज के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर आ जाते हैं।
कांवड़ यात्रा पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा
ओवैसी ने अपने बयान में कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाने की घटना का उल्लेख किया।
दरअसल, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बागपत में प्रशासन ने बीते वर्षों में कांवड़ियों पर फूल बरसाने की परंपरा निभाई है।
कांवड़ यात्रा भगवान शिव के भक्तों की एक प्रमुख तीर्थयात्रा है, जिसमें श्रद्धालु गंगा नदी से पवित्र जल लाकर अपने स्थानीय शिवालयों में चढ़ाते हैं। यह यात्रा श्रावण मास में होती है और उत्तर भारत में व्यापक रूप से आयोजित की जाती है।
RLD नेता जयंत चौधरी ने भी की आलोचना
मेरठ पुलिस की इस चेतावनी की आलोचना सिर्फ ओवैसी ने ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने भी की। उन्होंने इसे “1984 की जॉर्ज ऑरवेलियन पुलिसिंग” जैसा करार दिया।
जयंत चौधरी वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (MoS) के रूप में कार्यरत हैं। उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल (RLD) भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा है।
कब है ईद-उल-फितर 2025?
ईद-उल-फितर, जो रमजान के महीने के समापन का प्रतीक है, भारत में अगले सप्ताह मनाई जाएगी।
रमजान 2025 की शुरुआत 2 मार्च को हुई थी, इसलिए ईद-उल-फित्र का पर्व 31 मार्च या 1 अप्रैल को मनाया जाएगा, यह चांद दिखने पर निर्भर करेगा।

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