1st match of border gavaskar trophy, who will be the winner

गावस्कर-बॉर्डर ट्राफी का पहला (1st) टेस्ट – कौन बनेगा सलामी बल्लेबाज

खेल

सलामी बल्लेबाज दोनों ही टीम की प्रमुख समस्या

पिछले कुछ समय से भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट का महामुकाबला बनकर सामने आ रहा है। गावस्कर-बॉर्डर ट्रॉफी जीतने के लिये दोनों टीमें एडी चोटी का जोर लगाती है । एडिलेड में दूधिया रोशनी मे खेला जानेवाला पहला टेस्ट मैच कई कारणों से विशेष महत्त्वपूर्ण है । गुलाबी गेंद से खेला जानेवाला ये विदेशी भूमि पर भारत का पहला मुकाबला होगा।

पिछले वर्ष कोलकाता के ईडन गार्डन पर भारत ने बंगलादेश के साथ पिंक बाल क्रिकेट खेली थी और मुकाबला बड़ी सजहता से जीत लिया था। परन्तु ऑस्ट्रेलिया का रेकार्ड पिंक बाल क्रिकेट में सबसे बेहतरीन है और उन्होंने एडिलेड में खेले गये सातों मुकाबले बड़ी आसानी से जीते हुए है। लाल गेंद के मुकाबले गुलाबी गेंद ज्यादा स्विंग तो होती ही है और ज्यादा देर तक स्विंग होती है।

गेंद को पुरानी करके गेंदबाजों को थकाना आवश्यक है

सलामी बल्लेबाजों की भूमिका ऐसी परिस्थितियों में और भी महत्त्वपूर्ण बन जाती है। इस बार रोहित शर्मा और डेविड वॉर्नर दोनों ही प्रथम टेस्ट में उपलब्ध नहीं है। दोनों ही टीमों को इनका न होना खलेगा और नये खिलाड़ियों पर निर्भर होना पड़ेगा। भारतीय टीम के दृष्टिकोन से यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है क्यों के मध्यम क्रम के धाकड़ बल्लेबाज और कप्तान विराट कोहली सिर्फ एक टेस्ट खेलकर घर वापसी करेंगे।

पिछली बार जब भारत जीता था तब राहुल ओर विजय दोनों ही फेल हुए थे। चेतेश्वर पुजारा ने नं 3 पर सलामी बल्लेबाजों की कमी को बखूबी छिपाया था। लेकिन इस बार करोना के चलते पुजारा 290 दिनों से कोई क्रिकेट नहीं खेले है। चूँकि वह सफेद गेंद क्रिकेट नहीं खेलते हैं , आईपीएल और ऑस्ट्रेलिया दौरे के प्रारंभिक मैच भी नहीं खेले है, ऐसे में अगर वह शुरु से नहीं चल पाये तो बड़ी समस्या होगी शुभम गिल अब भारतीय टीम के विकल्प के ऊपर ध्यान दे तो मयंक अग्रवाल जो पिछले दौरे पर बढ़िया प्रदर्शन करके ऊभर कर आये थे, तो उनकी जगह पक्की है।

दूसरी छोर पर पृथ्वी शॉ, राहुल ओर शुभम गिल ये विकल्प है । पूर्व महान सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर शुभम गिल का विकल्प चुन रहे है । वही पृथ्वी शॉ खराब फॉर्म से झूज रहे है। राहुल अच्छे फॉर्म मे हैं लेकिन लाल रंग की गेंद पर अभी भी सवालिया निशान है। अब देखना हैं टीम मॅनेजमेंट किस पर भरोसा दिखाती है। जो भी खेलेगा उस पर बड़ा दारोमदार होगा और यह चयन पूरी सिरीज पर असर डाल सकता है। आशा करते है कि भारतीय टीम की सलामी जोड़ी जोरदार होगी।




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