हिंदु-हिंदुत्व के बयान को स्थापित करने के लिए राहुल गांधी ने लगाया जोर, कहा कांग्रेस शासन में चीन हमारी जमीन पर कब्जा कर लेता तो मैं गारंटी से कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री इस्तीफा दे देते

जयपुर

कांग्रेस के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र को राहुल गांधी ने किया संबोधित

जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र में प्रशिक्षणार्थियों को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाधी ने अपने हिंदु-हिंदुत्व वाले बयान को स्थापित करने के लिए पूरा जोर लगाया। बाद मेें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी उनकी सत्य-अहिंसा की भावना को आगे बढ़ाया।

समापन सत्र में वर्चुअल माध्यम से शिविर से जुडकऱ राहुल गांधी ने कहा कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री स्व. पं. जवाहर लाल नेहरू स्वाधीनता संग्राम के दौरान कितने वर्ष जेल में रहे इसकी सही जानकारी किसी को नहीं है, लेकिन पं. नेहरू द्वारा अधिकांश समय नैनी जेल में बिताया गया जहां ऐसा उल्लेख मिलता है कि पं. नेहरू ने 12 से 15 वर्ष तक जेल काटी। गांधी ने कहा कि नैनी जेल में पं. नेहरू जिस स्थान पर कैद रहे उसको देखने जाने पर उन्हें पं. नेहरू के दर्शन के संबंध में अनेक जानकारियां प्राप्त हुई। नैनी जेल की विजिटर बुक में जेल से रिहा होते समय पं. नेहरू ने लिखा था कि जिन जेलरों ने उन्हें कैद किया उनका बहुत-बहुत धन्यवाद क्योंकि कैद के दौरान उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है। नेहरू के इस वक्तव्य में कहीं भी नफरत एवं बदले की भावना नहीं थी।

गांधी ने इस दौरान सावरकर और आरएसएस पर भी हमले किए और उनकी विचारधारा को कायर बताया। उन्होंने हिंदु-हिंदुत्व विचारधारा की व्याख्या करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर भी हमला बोला और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तानाशाही निणज़्यों का सामना डटकर राहुल गाँधी ने किया है, यह विचारधारा हिन्दू है। हमारे लिए धर्म सच्चाई प्राप्त करने का रास्ता है किन्तु हिन्दुत्व का धर्म अपने धर्म को सत्ता प्राप्ति का साधन बनाना मात्र है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने नरेन्द्र मोदी के गलत निर्णयों के सामने सिर झुका दिया वो हिन्दुत्व है। हिन्दुत्व की विचारधारा मानने वाले किसी के भी सामने सिर झुका देते है, इन लोगों ने अंग्रेजों के समक्ष सिर झुकाया। ये लोग पैसों के आगे झुक जाते है क्योंकि इनके दिलों में सच्चाई नहीं है।

गांधी ने कहा कि यदि कांग्रेस शासन में पड़ोसी देश चीन ने देश की हजार किलोमीटर जमीन पर अतिक्रमण नहीं किया, यदि कांग्रेस शासन में ऐसा होता तो हमारे प्रधानमंत्री बिना डर के सच्चाई स्वीकार करते हुए अपनी जिम्मेदारी के निर्वहन में असफल रहने पर इस्तीफा सौंप देते, इसकी मैं गारंटी देता हूं। जबकि आर.एस.एस. के लोग मोदी शासन में चीन द्वारा भारत की सीमाओं को उल्लंघन की बात को छुपाने में लगे है। आर.एस.एस. लोग अपने दिल में बसी हुई नफरत एवं डर को पूरे देश में फैला रहे है जिस कारण देश को चौतरफा नुकसान हो रहा है और इसी का मुकाबला कांग्रेस को करना है।

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