जयपुर

नगर निगम में हो दम, तो उठाए ऑपरेशन पिंक जैसा कदम, परकोटे के बाजारों से अतिक्रमण हटाने के लिए निगम चलाएगा संयुक्त अभियान, व्यापारियों ने कहा एकतरफ कार्रवाई हुई तो होगा विरोध

जयपुर। जब से नगर निगम हैरिटेज बना है, तभी से अधिकारी परकोटे के बाजारों को अतिक्रमण मुक्त कराने में जुटे हैं, लेकिन उनकी हर कोशिश नाकाम साबित हुई है। करीब एक महीना पूर्व भी निगम ने अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान छेड़ा था, लेकिन बाजारों में अतिक्रमण जस का तस है। परकोटे के व्यापार मंडलों ने भी अब निगम को आंखे दिखाना शुरू कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि अगर निगम में दम है तो वह ऑपरेशन पिंक जैसा कदम उठाए और बिना भेदभाव के अतिक्रमण हटाए, लेकिन यदि निगम पुलिस के दम पर सिर्फ व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश करेगा, तो विरोध भी होगा।

आयुक्त लोकबंधु और पुलिस उपायुक्त जयपुर (उत्तर) परिस देषमुख की संयुक्त अध्यक्षता मे गुरूवार को हैरिटेज मुख्यालय में आयोजित बैठक मे यह निर्णय लिया गया कि परकोटे के बाजारों, विशेषकर बरामदों व अन्य क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने के लिए एक संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिये गये है कि बरामदों एवं बरामदो के बाहर हो रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए एक बार समझाइश की जाए और समझाइश के बाद भी जो लोग अतिक्रमण नहीं हटाते है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाये।

नगर निगम हैरिटेज के इस अभियान पर परकोटे के सभी व्यापार मंडलों की एक राय है, कि केवल व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाए, बल्कि फुटपाथ और सड़क पर पसरे अतिक्रमण को भी हटाया जाए। स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी के तहत काम नहीं होने के कारण निगम फुटपाथी व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई करने से बचता है। जबकि फुटपाथ और सड़क के अतिक्रमण निगम अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहे हैं।

राजस्थान दुकानदार महासंघ के अध्यक्ष किशोर टांक का कहना है कि नगर निगम व्यापारियों को खोखली धमकियां नहीं दे, बल्कि करके दिखाए। जैसे ऑपरेशन पिंक के समय पूरा परकोटा अतिक्रमण मुक्त हो गया था, उसी तरह से निगम फुटपाथ हो या सड़क सभी जगहों से अतिक्रमण हटाए। अतिक्रमी कोई भी हो, सबके खिलाफ समान रूप से कार्रवाई की जाए।

जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल का कहना है कि अगर निगम ने सिर्फ व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की तो हम यह अभियान नहीं चलने देंगे। हम अभियान के खिलाफ नहीं है, लेकिन निगम को सभी अतिक्रमण करने वालों पर समान रूप से कार्रवाई करनी होगी।

जौहरी बाजार व्यापार मंडल के अध्यक्ष कैलाश मित्तल का कहना है कि परकोटे की अस्त-व्यस्त यातायात व्यवस्था का जहां अतिक्रमण प्रमुख कारण है, वहीं निगम की ओर से पार्किंग माफियाओं को पनपाने का काम किया है, जिससे यातायात पूरी तरह से प्रभावित है। हम अतिक्रमण हटाने के अभियान का समर्थन करते हैं। फुटपाथ से अतिक्रमण हटा, तो व्यापारी अपने आप अतिक्रमण हटा लेंगे।

अब होगी राजनीति
नगर निगम हैरिटेज के अतिक्रमण हटाओ अभियान पर जल्द ही राजनति भी शुरू हो सकती है। बाजार में कहा जा रहा है कि परकोटे के व्यापारी भाजपा समर्थक हैं, इसलिए हैरिटेज में कांग्रेस का बोर्ड बनते ही व्यापारियों को परेशान करना शुरू हो गया है। नगर निगम हैरिटेज में भाजपा की महापौर प्रत्याशी कुसुम यादव का कहना है कि निगम ऊपरी इशारों पर वोटबैंक छांटकर कार्रवाई कर रहा है। रामगंज, घाटगेट, घोड़ानिकास रोड, चार दरवाजा में निगम ने क्या कार्रवाई की है, सबतको पता है।

पूर्व उपमहापौर मनोज भारद्वाज का कहना है कि अतिक्रमण हटाना नगर निगम का मूल काम है। हमने भी अतिक्रमण हटाए थे, निगम को दुर्भावनावश काम करने से बचना चाहिए। अतिक्रमण के लिए सिर्फ भाजपा को समर्थन देने वाले व्यापारियों को दंडित करना गलत है।

यह हुआ था ऑपरेशन पिंक में
राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद वर्ष 2002 में ऑपरेशन पिंक चलाया गया और बरामदे हों या सड़क, सभी जगहों से अतिक्रमण हटाया गया था। उसके बाद से आज तक बारामदों में पक्का निर्माण तो नहीं हुआ, लेकिन व्यापारियों ने बारामदों में सामान रखना शुरू कर दिया। वहीं निगम की मिलीभगत से सड़कों पर अतिक्रमण लगातार पसरता रहा।

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