Inflation par Gehlot ka Modi ko letter, kaha menhagai ki mar se aamjan ko rahat dilaye centre

बढ़ती महंगाई (inflation) पर गहलोत का मोदी को पत्र (letter), कहा महंगाई की मार से आमजन को राहत (relief)दिलाए केन्द्र (centre)

जयपुर

पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस के केंद्र (centre) के खिलाफ प्रदर्शनों के बाद अब सीएम अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी ( letter) लिखी है। सीएम ने महंगाई (inflation) से तत्काल राहत (relief) दिलाने की मांग की है।

गहलोत ने पत्र में लिखा कि देश के बीपीएल (BPL) परिवारों को स्वच्छ ईंधन मुहैया कराने के लिए केंद्र ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की थी। रसोई गैस के दाम बढ़ने के कारण यह योजना गरीब परिवारों को राहत देने में विफल साबित हो रही है। कोविड के कारण आजीविका के संकट से जूझ रहे गरीब गैस पर सब्सिडी खत्म करने के कारण सिलेंडर के दाम चुकाने में असमर्थ हैं। इसके चलते सिलेण्डर रिफिल कराने वाले उपभोक्ताओं के प्रतिशत में निरंतर कमी आ रही है, जो गंभीर है।

गहलोत ने कहा कि सब्सिडी को खत्म करने से घरेलू रसोई गैस की कीमतों में जो बढ़ोतरी हुई है, वह उपभोक्ताओं के लिए असहनीय है। इससे लोगों के घर का बजट गड़बड़ा गया है। लोगों के लिए गैस सिलेण्डर रिफिल करवाना बूते से बाहर होता जा रहा है। साल 2013 के जनवरी माह में घरेलू गैस के एक सिलेण्डर की कीमत 865 रुपए थी, जिस पर 477 रुपए की सब्सिडी मिल रही थी। उस समय एक गैस सिलेण्डर के लिए उपभोक्ता को केवल 388 रुपए ही खर्च करने होते थे।

गहलोत ने कहा कि जनवरी 2013 में पेट्रोल की कीमत 70 रुपए 81 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत 49 रुपए 33 पैसे प्रति लीटर थी। आज पेट्रोल 108.21 रुपए प्रति लीटर और डीजल 99 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है। पेट्रोल और डीजल की इन बढ़ती कीमतों से आम आदमी के लिए घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। परिवहन लागत में वृद्धि से माल और सेवाओं की लागत भी बढ़ गई है। खुदरा महंगाई दर पिछले कुछ समय में 6 फीसदी से अधिक है, जिसकी मुख्य वजह पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें हैं।

गहलोत ने लिखा कि बीते 18 महीने से उपभोक्ताओं को सब्सिडी नहीं दी जा रही है। मजबूरन गरीब और मध्यम-वर्गीय परिवारों की महिलाएं खाना पकाने के लिए लकड़ी और अन्य परम्परागत ईंधन का उपयोग कर रही हैं। इससे उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

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