On completion of 3 years of government, BJP said Gehlot government came to power by making false promises, failed in every test of the public

सरकार के 3 साल पूरे होने (completion) पर भाजपा (BJP) ने साधा निशाना, कहा गहलोत सरकार (Gehlot govt.) झूठे वादे (false promises) करके सत्ता में आई, जनता की हर परीक्षा में हुई फेल (failed)

जयपुर

राजस्थान सरकार के तीन साल पूरे (completion) होने पर जहां सरकार की ओर से अपनी कामयाबियों का बखान किया गया, वहीं भाजपा (BJP) सभी प्रमुख नेताओं ने गहलोत सरकार (Gehlot govt.)के कामकाज को फेल बताते हुए तंज कसे। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने राजस्थान की गहलोत सरकार पर निशाना साधा। राजे ने कहा कि राजस्थान की गहलोत सरकार झूठे वादे (false promises) करके सत्ता में आई और 3 साल में जनता की हर परीक्षा में पूरी तरह फेल (failed) रही।

राजे ने कहा कि राजस्थान में सरकार होती तो बेरोजगारी में प्रदेश अव्वल नहीं होता। प्रतियोगी परीक्षाओं के पर्चे आउट नहीं होते। हर रोज मासूम बच्चियां दुष्कर्म का शिकार नहीं होती, हमारा प्रदेश महिला अत्याचार में टॉप पर नहीं होता। राजस्थान में कानून और व्यवस्था खत्म नहीं होती और दलित अत्याचार चरम पर नहीं होते। राजस्थान में सरकार होती तो वो किसानों का कर्ज माफी का वादा पूरा करती, दलित अत्याचार चरम पर, भ्रष्टाचार में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी नहीं होती। राजे ने कहा कि यदि राजस्थान में सरकार नाम की कोई संस्था होती तो राजस्थान महंगाई की आग में नहीं झुलसता, हमारा प्रदेश महंगाई में देश में नम्बर वन नहीं होता, सरकार होती तो महंगाई की सबसे बड़ी वजह बिजली और पेट्रोल-डीजल के दाम देश में सबसे ज्यादा यहां नहीं होते, कोरोना में इतने लोग नहीं मरते।

कांग्रेस के पास गिनाने के लिए कोई काम नहीं
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने सरकार पर तंज कसा कि राजस्थान की मौजूदा सरकार का पूरा कार्यकाल बेहद निराशाजनक रहा। तीन साल कांग्रेस अंतर्कलह से जूझती रही। सरकार के पास गिनाने के लिए एक भी काम नहीं है। कानून व्यवस्था सरकार के सामने बड़ी चुनौति थी। साढ़े छह लाख मुकद्दमे दर्ज होना यह कांग्रेस शासन की बानगी थी। कोरोना के कालखंड में कोरोना का कुप्रबंधन बड़ा उदाहरण है। भ्रष्टाचार से लेकर तमाम ऐसे मुद्दे थे जिनमें सरकार घिरी रही।

सरकार ने किया राजस्थान का बंटाधार
उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने अशोक गहलोत सरकार के 3 साल के कार्यकाल को विफल बताया और कहा कि अंतर्कलह से जूझती कांग्रेस सरकार ने राजस्थान का बंटाधार करते हुए अपने प्रशासन के 36 महीने गुजार दिए। इस दौरान सरकार ने विफल कानून व्यवस्था, पेट्रोल डीजल पर सर्वाधिक वैट, महंगी बिजली, किसानों व बेरोजगारों के साथ वादाखिलाफी, कोरोना कुप्रबंधन, पेपर लीक प्रकरण, सरकारी विभागों में व्यापक भ्रष्टाचार सहित कई उपलब्धियां अपने नाम की हैं।

भाजपा विधायक और प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने कहा कि सरकार भले ही अपने कार्यकाल को बेमिसाल बताए, लेकिन हकीकत इससे विपरीत है। सरकार के 3 साल बेमिसाल तो रहे लेकिन प्रदेश की कानून व्यवस्था बिगाडऩे में, किसानों को दुखी और परेशान करने में, बिजली की दरों में बढ़ोतरी करने में, खाद्य सुरक्षा के पोर्टल को पिछले 2 साल से बंद करने में और भर्ती परीक्षा में धांधली के मामलों में ही बेमिसाल रहे।

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