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महाशय दी हट्टी (MDH) मसाला के संस्थापक पद्मभूषण धर्मपाल गुलाटी का 98 वर्ष की आयु में निधन

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महाशय की हट्टी यानी (MDH) मसाला के संस्‍थापक और इस कंपनी के बुजुर्ग ब्रांड एंबेसेडर पद्मभूषण महाशय धर्मपाल गुलाटी का 98 वर्ष की आयु में गुरुवार 3 दिसंबर सुबह 5-38 बजे निधन हो गया। यह जानकारी पतंजलि आयुर्वेद के प्रवक्‍ता एसके तिजारावाला ने ट्वीट के जरिये दी। तिजारावाला ने बताया कि गुरुवार 3 दिसंबर की सुबह 5:38 बजे महाशय धरमपाल ने विकासपुरी स्थित एक अस्‍पताल में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय बीमार थे और अस्‍पताल में भर्ती होकर इलाज करा रहे थे।

1500 रुपए की जमा पूंजी से 5400 करोड़ रुपए की दौलत

आईआईएफएल हुरुन इंडिया रिच 2020 की सूची में पद्मभूषण महाशय धर्मपाल गुलाटी को शामिल कर उन्हें भारत का सबसे बुजुर्ग दौलतमंद बताया किया गया था। एक समय उनकी कुल जमा पूंजी 1500 रुपये ही थी लेकिन उन्होंने अपने कारोबार को ऐसा फैलाया कि आज उनकी अपनी दौलत 5400 करोड़ रुपये के करीबी पहुंच गई थी। वे अपने एमडीएच मसाला कारोबार से सालाना 25 करोड़ रुपये वेतन प्राप्त करते थे। उनका वेतन किसी अन्य एफएमसीजी कंपनी के सीईओ के मुकाबले सबसे अधिक माना जाता है।

तांगा चलाकर कमाई आजीविका

भारत विभाजन के बाद महाशय धर्मपाल 1947 में परिवार सहित पाकिस्तान से भारत आ गए थे और उन्होंने दिल्ली में तांगा चलाकर अपनी आजीविका कमाने की शुरुआत और की थी। जब वे भारत लौटे थे तो उनके पास संपत्ति के तौर पर केवल 1500 रुपये ही थे। इन रुपयों से उन्होंने 650 रुपये में घोड़ा और इसकी गाडी खरीदकर रेलवे स्टेशन पर तांगा चलाना शुरू कर दिया था। इसके कुछ वर्षों के बाद उन्होंने अपना तांगा अपने भाई को सौंप दिया और करौलबाग की अजमल खां रोड पर मसाले बेचने का कारोबार शुरू कर दिया।

जब लोगों को यह जानकारी हुई सियालकोट के देगी मिर्च वाले धर्मपाल की दुकान अब दिल्ली में ही है तो उनका व्यापार तेजी से फैलने लगा। इसके बाद महाशय ने मसालों की सबसे पहली फैक्ट्री 1959 में दिल्ली के कीर्ति नगर में लगाई और फिर करौल बाग में अजमल खां रोड पर ही एक और फैक्ट्री लगाई।

एमडीएच के 60 से अधिक उत्पाद बाजार में हैं

मसालों के बड़े ब्रांडों की बात की जाए तो एमडीएच मसाले दुनिया के बड़े ब्रांडों में शुमार होता है जो 50 विभिन्न प्रकार के मसालों का उत्पादन करता है आज एमडीएच के 60 से अधिक उत्पाद बाजार में हैं लेकिन सबसे अधिक बिक्री देगी मिर्च, चाट मसाला और चना मसाला की होती है। आज स्थिति यह है कि महाशय दी हट्टी के कार्यालय भारत ही नहीं दुबई और लंदन मे भी हैं।

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