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पेट्रोलियम अन्वेषण कार्य में लाई जाएगी तेजी

कारोबार जयपुर

कंपनियों को उत्पादकता बढ़ाने के निर्देश

जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने राज्य सरकार द्वारा जारी 14 खनन पट्टा क्षेत्र में पेट्रोलियम अन्वेषण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पेट्रोलियम और गैस का उत्पादन कर रही कंपनियों से भी उत्पादकता बढ़ाने को कहा है।

अग्रवाल मंगलवार को सचिवालय में पेट्रोलियम विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम और गैस उत्पादकता बढ़ने से लाभदायकता बढ़ने के साथ ही प्रदेश में राजस्व की भी बढ़ोतरी होगी। प्रदेश में लगभग एक लाख 20 हजार बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल व करीब 36 लाख घन मीटर गैस का उत्पादन हो रहा है।

अग्रवाल ने बताया कि राज्य में 14 जिलों में चार पेट्रोलियम बेसिन डेढ़ लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हुए हैं। बाडमेर-सांचौर बेसिन, जैसलमेर, बीकानेर-नागौर बेसिन में बीकानेर, नागौर-श्रीगंगानर, हनुमानगढ, चूरू व विंध्यान बेसिन में कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, भीलवाड़ा और चित्तौडग़ढ़ जिले का कुछ हिस्सा शामिल है।

उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम खनन के लिए 13 पट्टे जारी किए हुए हैं, वहीं पेट्रोलियम खोज के लिए 14 लाइसेंस जारी कर खोज कार्य किया जा रहा है।अग्रवाल ने बताया कि पेट्रोलियम खोज व खनन कार्य में किसी तरह के अवरोध या अन्तर्विभागीय समस्याएं आ रही हैं तो उन्हें प्राथमिकता से निपटाया जाएगा।

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