Important decisions for relief to the general public in the Rajasthan cabinet meeting

सत्र की सूचना आते ही विधायकों की रेट हुई अनलिमिटेड

जयपुर राजनीति

गहलोत ने फिर साधा भाजपा पर निशाना

जयपुर। प्रदेश में चल रहे सियासी संग्राम के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भाजपा पर वार करने से बिलकुल भी नहीं चूक रहे हैं। गुरुवार को फिर गहलोत ने एक संवाददाता सम्मेलन में भाजपा पर जमकर निशाने साधे और कहा कि 14 अगस्त को विधानसभा सत्र की सूचना आते ही हॉर्स ट्रेडिंग कराने वालों ने विधायकों की रेट अनलिमिटेड कर दी है।

विधायकों के पास फोन आने लगे। हमें पता है कि फोन कहाँ से आ रहे हैं। पहले विधायकों की कीमत 10, 15, 25 करोड़ रुपए थी, अब उनसे कहा जा रहा है कि आप बोलो, जो मांग करोगे, पूरी कर दी जाएगी। इस मामले में भाजपा पूरी तरह से एक्सपोज हो चुकी है। चुनी हुई सरकार गिराने पर जनता इन्हें माफ नहीं करेगी।

हार्स ट्रेडिंग के लिए भाजपा नेता दिल्ली जाते हैं। सुबह जाते हैं, शाम को लौट आते हैं। ये लोग सरकार गिराने में जुटे हैं। यदि उनकी दिल्ली जाने के पीछे नीयत सही है तो फिर छिप-छिप कर दिल्ली क्यों जा रहे हैं।

गहलोत ने कहा कि जो लोग गए हैं, उनमें से पता नहीं किस-किस ने पहली किश्त ली है। अभी कई विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने पहली किश्त भी नहीं ली है। जिन विधायकों ने किश्त नहीं ली उन्हें वापस आना चाहिए। इन लोगों ने कांग्रेस के निशान पर चुनाव जीता है, इनको सरकार के साथ आकर खड़ा होना चाहिए।

गहलोत ने विधानसभा सत्र के बारे में जानकारी दी कि सत्र पर फ्लोट टेस्ट, कोरोना पर चर्चा होगी। विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति काम-काज तय करेगी। गहलोत ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनका इस्तीफा नहीं होना अचरजभरा है। शेखावत हार्स ट्रेडिंग में शामिल रहे, अब उनका नाम संजीवनी क्रेडिट कंपनी के साथ भी जुड़ रहा है।

बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले में गहलोत ने कहा कि मायावती की शिकायत वाजिब नहीं। वह भाजपा के इशारे पर बयानबाजी कर रही है। भाजपा ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स का डर दिखा रही है। बसपा के छह विधायक स्वेच्छा से कांग्रेस में आ गए तो गलत है और उन्होंने हमारे 22 विधायकों को रोक रखा है, वह सही है।