Successful demonstration of rhinoplasty operation on cadaver, surgery with live lecture in workshop held at Mahatma Gandhi Medical College and Hospital

महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल में आयोजित वर्कशॉप में लाइव लेक्चर के साथ सर्जरी व कैडेवर पर राइनोप्लास्टी ऑपरेशन का सफल प्रदर्शन

जयपुर ताज़ा समाचार

जयपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल के कान नाक गला विभाग में रविवार, 7 मार्च को लाइव राइनोप्लास्टी वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप में लाइव लेक्चर, लाइव सर्जरी हुई व कैडेवर पर राइनोप्लास्टी ऑपरेशन का प्रदर्शन किया गया।

Dr. Tarun Ojha during Surgery
कैडेवर ऑपरेशन के दौरान डॉ. तरुण ओझा व उनकी सहयोगी

उल्लेखनीय है कि राइनोप्लास्टी एक विकृत नाक के आकार को सुधारने का या नाक को एक नया आकार देने का ऑपरेशन है जिसके अंतर्गत शल्यक्रिया विशेषज्ञों द्वारा जिसकी नाक ज़्यादा उठी हुई, ज़्यादा चपटी, ज़्यादा धारी हुई, ज़्यादा चौड़ी या टेढ़ी-मेढ़ी होती है, उसमें सुधार व उत्तम आकार में ढालने के लिए ऑपरेशन किया जाता है। इस सर्जरी को राइनोप्लास्टी कहते हैं।

देश भर के 500 से अधिक सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों ने भाग लिया

इस कार्यशाला का प्रसारण  डिजिटल प्लाट्फॉर्म के माध्यम से पूरे विश्व भर में किया गया। कार्यक्रम का पंजीकरण भी ऑनलाइन रखा गया था और पूरे देश से विभिन्न स्पेशियलिटी के 500 से अधिक सैकड़ों ने इसमे बड़े उत्साह से भाग लिया।  राइनोप्लास्टी का यह अभिनव लाइव कार्यक्रम सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चला। इस शैक्षिक कार्यशाला में भारत के कई जाने माने सर्जन्स ने भाग लिया।

MGH Hospital 1
जयपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में कैडेवर पर राइनोप्लास्टी का सफल प्रदर्शन किया गया

कार्यशाला में एसएमएस मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के प्रोफेसर डॉ. प्रदीप गोयल ने चपटी नाक को उठाने के ऑपरेशन की नयी व आधुनिक तकनीक से प्रतिभागियों को अवगत करवाया, जिसमें प्रत्यारोपण कर नाक को सुंदर बनाया जा सकता है। राइनोप्लास्टी के जाने-माने विशेषज्ञ, नक़्श राइनोप्लास्टी के निदेशक, डॉ सुनील तंवर ने नाक की संरचना के बारे में गहराई से बताया और उन्होंने कैडेवर (मृत शरीर) पर राइनोप्लास्टी का बखूबी प्रदर्शन भी किया।

कार्यक्रम का आयोजन ईएनटी विशेषज्ञ डॉ तरुण ओझा के निर्देशन में

कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष व महात्मा गांधी अस्पताल के कान नाक गला विभाग के प्रमुख प्रोफेसर डॉ. तरुण ओझा ने बताया कि ऑपरेशन से पहले किस प्रकार मरीज़ का अनिवार्य रूप से सही से विश्लेषण करना चाहिये । उन्होंने बताया कि इस सारी प्रकिर्या में उसमें फोटोग्राफी व कम्प्यूटर तकनीकों का क्या उपयोग है। इस अवसर पर महात्मा गांधी अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी के प्रमुख डॉ बुद्धि प्रकाश शर्मा ने विभिन्न प्रकार की राइनोप्लास्टी की विधियों का विवेचन किया। इस सुनियोजित अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला में विश्वभर के ई एन टी, प्लास्टिक एवं फेसिओ मैक्सिलरी शल्यचिकित्सकों ने भाग लिया एवम सुप्रसिद्ध विषय विशेषज्ञों से उन्होंने प्रेरणा एवम मार्गदर्शन प्राप्त किया।

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