The MLA had given a warning to protest against the police station, another institution paid respect to the police

विधायक ने दी थी थाने पर धरने-प्रदर्शन की चेतावनी, दूसरी संस्था ने कर दिया पुलिस का सम्मान

जयपुर

राजनीतिक दांव-पेंच में कई बार पुलिस थाने भी अखाड़े बन जाते हैं। ऐसा ही कुछ शहर के बजाज नगर थाने में देखने को मिला। बजाज नगर थाना इलाके के विवेक विहार में हुई डकैती के खिलाफ कुछ दिनों पूर्व क्षेत्रीय विधायक कालीचरण सराफ की ओर से थाने के घेराव की चेतावनी दी गई थी लेकिन विधायक घेराव करते उससे पहले ही थाना पुलिस ने घटना का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में विधायक को घेराव की चेतावनी वापस लेनी पड़ी, लेकिन दूसरी ओर मालवीय नगर विधानसभा जनसमस्या समाधान समिति की ओर से त्वरित कार्रवाई करने के लिए बजाज नगर थाना पुलिस को सम्मानित किया गया।

समिति के संयोजक अनिल शर्मा की ओर से बजाज नगर थाना प्रभारी रमेश सैनी का साफा पहनाकर और पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया गया। थानाकर्मियों को भी समिति की ओर से प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया। शर्मा ने कहा कि गंभीर अपराध में पुलिस द्वारा तत्परता से कार्य किए जाने से क्षेत्रवासियों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। पुलिस इस तरह से आगे भी तत्परता से कार्य करते हुए आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर कायम करेगी।

इस अवसर पर थाना प्रभारी सैनी ने कहा कि थानों पर लोग अक्सर धरने-प्रदर्शन करने आते हैं लेकिन जनता की ओर से पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को सराहना मिली है। इससे पुलिसकर्मियों का सम्मान बढ़ेगा और उत्साहवर्धन होगा। इस अवसर पर रोशन सैनी, जितेंद्र लोदिया, सविता मारोडिय़ा, दीपेश मिश्रा, अमित जायसवाल, जितेंद्र अरोड़ा, राजेंद्र सैनी, संदीप पालीवाल, आशीष सैनी, धनराज सैनी, विकास चौधरी आदि उपस्थित रहे।

विधायक सर्राफ के लिए कहा जा रहा है कि वे हमेशा दबाव की राजनीति करते रहे हैं। इससे पूर्व भी उन्होंने कई धरने-प्रदर्शन किए लेकिन नतीजा कोई नहीं निकला। इस मामले में भी उन्होंने वारदात होते ही थाने के घेराव की चेतावनी दे दी। पुलिस को भी कार्रवाई करने में समय लगता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए वे थाने के घेराव की चेतावनी देने के बजाय पुलिस से अपराधियों को पकड़ने की मांग करते तो उनकी गरिमा के अनुरूप रहता। जिस महिला के साथ वारदात हुई, वह भाजपा की कार्यकर्ता थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या किसी आम महिला के साथ कोई वारदात हो जाती है, तब भी क्या विधायक इतनी तत्परता के साथ ही पुलिस को चेतावनी देते हैं? क्या उनकी नजर में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हुआ अपराध ही अपराध माना जाता है?

एक पार्षद की गाड़ी पर फायरिंग के मामले में भी विधायक सराफ ने धरने-प्रदर्शन किए थे लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकल पाया। वहीं दो वर्ष पूर्व नगर निगम ने मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र में ही अवैध पशु डेयरियों पर कार्रवाई की थी। तब भी विधायक दिनभर धरने पर बैठे रहे और शाम को ही धरने से उठे, जबकि यह पशु डेयरियां अवैध रूप से चल रही थीं। कहा जा रहा है कि अपनी राजनीति चमकाने के लिए सर्राफ इस तरह की चेतावनियां देते रहते हैं।

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