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29 दिसम्बर को नहीं हुई सरकार और किसानों के बीच वार्ता, 30 दिसम्बर को होगी सातवें दौर की बातचीत

तीनों नये कृषि कानूनों को रद्द किये जाने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन आज, मंगलवार 29 दिसम्बर को भी जारी रहा। तीखी ठंडी हवाओं के बीच किसान दिल्ली में प्रवेश की सीमाओं पर अब भी प्रदर्शन कर रहे हैं। यद्यपि 29 दिसम्बर को ही किसानों और सरकार के बीच वार्ता होनी थी लेकिन केंद्र सरकार ने इस बातचीत को 30 दिसम्बर को करने का प्रस्ताव दिया जिसे किसानों ने स्वीकार कर लिया। उधर, आम आदमी पार्टी ने किसानों के लिए वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही है।

किसानों ने किया बातचीत का एजेंडा का स्पष्ट

चालीस किसान संगठनों के संयुक्त मोर्चा की ओर से कहा गया है कि किसान संगठनों के नेता सरकार से बातचीत जरूर करेंगे लेकिन इससे पहले सरकार को बातचीत का एजेंडा स्पष्ट कर दिया गया है। इस एजेंडे में तहत सरकार से कहा गया है कि बातचीत तीनों कृषि कानूनों को समाप्त करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी दिये जाने को लेकर ही होगी। किसानों को इससे कम कुछ भी स्वीकार्य नहीं होगा।

सरकार हमेशा किसानों का हित चाहती हैः मोदी

प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने फिर दोहराया कि सरकार किसानों के हितों में काम करने को तत्पर है।

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 100वीं किसान रेल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में नई फ्रेट कॉरिडोर परियोजना को मंजूरी दी गई थी और 2014 तक ये सिर्फ कागजों और फाइलों में बनती रही। 2014 में सरकार बनने के बाद इस परियोजना पर काम शुरू किया गया। और अब कुछ ही महीनों में करीब 1,100 किमी का काम पूरा हो जाएगा। इसी परियोजना का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने एक बार फिर कहा कि केंद्र सरकार की नीयत बिल्कुल साफ है और वह किसानों को हितों के लिए मजबूती के साथ खड़ी है। केवल इसीलिए उसने नये कृषि कानूनों का लाने का काम किया है।

कृषि मंत्री तोमर को किसानों से बातचीत में गतिरोघ सुलझने की उम्मीद

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 30 दिसम्बर को किसानों से होने वाली वार्ता के सफल रहने की आशा जताई है

उधर, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आशा व्यक्त की है कि इस बार किसानों और सरकार के बीच वार्ता का कुछ ना कुछ नतीजा जरूर निकलेगा। उन्होंने दिल्ली, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट और जम्मू-कश्मीर से कृषि बिलों के समर्थन में आए नई दिल्ली आये किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि नये कृषि कानूनों को लेकर झूठ की दीवार बना दी गई है। लेकिन सच्चाई के आगे झूठ की यह दीवार टिकेगी नहीं।

उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से नये कृषि कानूनों का का विरोध किया जा रहा है और आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन किया जा रहा है। तोमर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपनी सरकार के दौरान कृषि सुधारों का समर्थन कर चुके हैं। इसी तरह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख व तत्कालीन कृषि मंत्री शरद पंवार इन कृषि सुधारों को लाने की बात कर चुके हैं। किंतु अब, राजनीतिक लाभ उठाने के लिए किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।

किसानों के लिए मुफ्त वाईफाई उपलब्ध करायेगी आप

आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए मुफ्त वाईफाई सेवा उपलब्ध कराने की बात कही है। आप के नेता राघव चड्ढा ने कहा है कि आप सिंघू सीमा पर वाईफाई हॉट स्पॉट्स लगवाएगी। उनका कहना है कि किसान इंटरनेट की खराब कनेक्टिविटी के कारण अपने घर-परिवार के सदस्यों वीडियो पर बातचीत नहीं कर पा रहे हैं।

इन परिस्थितयों में दिल्ली के मुख्यमंत्रज्ञी अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ‘इंसान को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए रोटी, कपड़ा और मकान चाहिए होते हैं लेकिन अब इसमें इंटरनेट भी जुड़ चुका है। जैसे-जैसे डिमांड आएगी, वैसे-वैसे वहां हॉट-स्पॉट्स लगवाये जाएंगे जो 100 मीटर के दायरे में सिग्नल उपलब्ध करा सकेंगे।

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