हाथरस गैंगरेप मामलाः रिपोर्ट दाखिल करने की अवधि 10 दिन बढ़ाई

क्राइम

लखनऊ। हाथरस के कथित सामूहिक बलात्कार कांड की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को आज अपनी जांच रिपोर्ट देनी थी जिसे 10 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। इस तरह एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट 17 अक्टूबर को देगा।  सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को जांच दल के सदस्य पांचवी बार पीड़ित युवती के गांव बूलगढ़ी पहुंचे और पीड़ित परिवार के सदस्यों से बातचीत की। जांच दल के सदस्यों ने घटनास्थल और उस जगह का फिर से मुआयना किया, जहां पीड़ित युवती का अंतिम संस्कार किया गया था।

योगी ने गठित की थी एसआईटी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 सितंबर को राज्य के गृह सचिव भगवान स्वरूप के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था और उसे सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा था। अब एसआई की रिपोर्ट देने की अवधि 10 दिन बढ़ाकर 17 अक्टूबर 2020 कर दी गई है। बूलगढ़ी गांव पहुंचे जांच दल के सदस्यों ने गांव के कई लोगों के बयान लिये। जांच दल इसके साथ ही यह भी पता लगा रहा है कि बूलगढ़ी में पीएफआई ने कैसे अफवाहों को हवा देकर कानून-व्यवस्था बिगाडऩे की साजिश रची।

कथित गैंगरेप और हिंसा की साजिश

ध्यान दिला दें कि हाथरस के चंदपा इलाके के बूलगढ़ी गांव में 14 सितंबर को एक दलित युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई थी। आरोप है कि इस वारदात को गांव के ही चार युवकों ने अंजाम दिया था जो फिलहाल जेल में हैं। उधर पीड़ित युवती का इलाज नई दिल्ली के सफदर गंज अस्पताल में चल रहा था किंतु 29 सितंबर को इलाज के दौरान पीड़ित युवती की मौत हो गई। फिर युवती का शव बूलगढ़ी गांव लाया गया, जहां रात में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस घटना के बाद हाथरस में उपजे तनाव के माहौल में राज्य में जातीय और सांप्रदायिक हिंसा कराने की साजिश की बात भी सामने आई है। इस दौरान,  हाथरस जाते समय यूपी पुलिस ने चार संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया। है।  पुलिस के मुताबिक उनके कब्जे से जो साहित्य मिला है, व शांति व्यवस्था भंग कर सकता है। पूछताछ किए जाने पर इनका संबंध पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उसके सह संगठन कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) से निकला है।

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