When Prime Minister Modi took a dig at the Congress without naming the Lakhimpur incident, then Chief Minister Gehlot gave a befitting reply.

प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने लखीमपुर (Lakhimpur) घटना पर कांग्रेस (congress) को बिना नाम लिए आड़े हाथों लिया तो मुख्यमंत्री गहलोत (CM Gehlot) ने दिया करारा जवाब

जयपुर राजनीति

लखीमपुर और हनुमानगढ़ की तुलना करने वालों को बताया बेवकूफ

जयपुर। लखीमपुर खीरी (Lakhimpur) की घटना को लेकर मंगलवार को भाजपा और कांग्रेस (congress) में दंगल हो गया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सुबह प्रधानमंत्री (PM Modi) ने बिना नाम लिए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया तो जवाब में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने करारा पलटवार किया।

सचिवालय में आधुनिक सुविधाओं युक्त स्वागत कक्ष के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पत्रकारों से बात करते हुए लखीमपुर और हनुमानगढ़ की तुलना करने वालों को बेवकूफ बताया। गहलोत ने कहा कि लखीमपुर और हनुमानगढ़ का कंपेयर करने वाले बेवकूफ लोग हैं, देश में बेवकूफों की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा वाले देश में भी और प्रदेश में भी बेवकूफी कर रहे हैं। भाजपा पदाधिकारी मूर्ख बन बैठे हैं और बिना मतलब दोनों घटनाओं को कंपेयर कर रहे हैं। जो मुख्यमंत्री पद के दावेदार बन बैठे हैं, उनमें बिलकुल भी सेंस नहीं है। इनको तुलना करना भी नहीं आता है और जयपुर में बैठे-बैठे सोशल मीडिया पर कुछ भी लिख देते हैं।

प्रियंका गाँधी के राजस्थान आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजस्थान में हमारी सरकार है, प्रियंका यहां क्यों आएंगी? भाजपा की जहां सरकारें हैं, वहां हम जाएंगे। यहां हम सत्ता में है। यहां विपक्ष के लोग आएं। राजस्थान में राजनाथ सिंह आएं, अमित शाह आएं, प्रियंका क्यों आएंगी। गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री, शाह और जेपी नड्ढा को आना चाहिए और देखना चाहिए कि हनुमानगढ़ में क्या हो रहा है। भाजपा द्वारा प्रतिनिधिमंडल भेजना मूर्खतापूर्ण है, जिस दिन मौत हुई, उस दिन उन्हें हनुमानगढ़ जाना चाहिए था।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार सुबह मानवाधिकार हनन गैंग पर स्ट्राइक की थी और मानवाधिकारों पर राजनीति को गलत बताया था। उन्होंने मानवाधिकार हनन पर विपक्षी दलों की सलेक्टिव एप्रोच हमला किया था। सलेक्टिव एप्रोच के कारण यह लोग देश का नाम बदनाम करते हैं। कुछ लोग मानवाधिकार हनन की व्याख्या अपने-अपने तरीके और फायदे के लिए करते हैं। यह लोग मानवाधिकारों को राजनीतिक तराजू में तौलते हैं।

हालांकि मोदी ने किसी दल का नाम नहीं लिया, लेकिन इसका निशाना कांग्रेस को माना जा रहा है, क्योंकि लखीमपुर पर सबसे ज्यादा हंगामा कांग्रेस ही कर रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री गहलोत ने भी बिना समय गंवाए, दोपहर में भाजपा पर करारा हमला किया।

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