कारोबार

जयपाल पूनिया हत्याकांड : सांसद हनुमान बनीवाल का जयपुर कूच, पुलिस ने महला में रोका

जयपुर। नागौर में जयपाल पूनिया हत्याकांड राजस्थान सरकार के लिए गले की फांस बन गया है। पिछले तीन दिनों से पूनिया का शव मोर्चरी में रखा है, लेकिन उसका पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। इस मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर मंगलवार को नागौर से आरएलपी के सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपनी पार्टी के विधायकों और हजारों समर्थकों के साथ जयपुर कूच कर दिया। उनका इरादा मुख्यमंत्री निवास के घेराव का था।

बेनीवाल के जयपुर कूच की खबर से राजधानी में पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शाम को बेनीवाल और उनके समर्थकों को अजमेर रोड पर महला के पास रोक लिया, ताकि वह जयपुर नहीं पहुंच पाएं। पुलिस द्वारा बेनीवाल को रोके जाने के बाद वह महला में ही सड़क पर समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।

पुलिस प्रशासन ने बेनीवाल को समझाने की काफी कोशिशें की, लेकिन बेनीवाल जयपुर कूच पर अड़े रहे। यहां भारी मात्रा में जाप्ता तैनात रहा। बेरिकेटिंग कर बेनीवाल के समर्थकों को रोका गया। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने कई प्रस्ताव बेनीवाल के सामने रखे। इनमें एक प्रस्ताव प्रतिनिधिमंडल को जयपुर जाने की मंजूरी का भी बताया जा रहा है। इसके बाद बेनीवाल ने अपनी पार्टी के विधायकों के साथ चर्चा शुरू कर दी। इस चर्चा के बाद तय हुआ कि उनका एक प्रतिनिधिमंडल जयपुर जाकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात करेगा। इस प्रतिनिधिमंडल में आरएलपी के विधायक समेत कुछ प्रमुख लोग शामिल होंगे। हनुमान बेनीवाल ने इस समझौते की जानकारी अपने समर्थकों को दी।

उल्लेखनीय है कि जयपाल पूनिया की 14 मई को हत्या कर दी गई थी, तभी से पूरे नागौर में भारी तनाव बना हुआ है। पूनिया के परिजनों ने जिन 8 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दी है, जिसमें गहलोत सरकार के उपमुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी और उनके भाई का नाम भी शामिल है। पूनिया का शव 14 मई से ही सरकारी अस्पताल के मुर्दाघर में रखा हुआ। हत्या को लेकर नागौर में लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इन प्रदर्शनों को भाजपा का भी समर्थन प्राप्त है। भाजपा के पूर्व विधायक हरीश कुमावत भी धरने पर बैठ गए हैं।

बेनीवाल का कहना है कि कांग्रेस के विधायक महेंद्र चौधरी के इशारे पर ही जयपाल पूनिया पर झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें हिस्ट्रीशीटर घोषित करवाया। जबकि पूनिया तो नागौर में अपना नमक का कारोबार करते थे। बेनीवाल ने पूनिया की हत्या के लिए विधायक महेंद्र चौधरी को ही जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया और सांसद हनुमान बेनीवाल का कहना है कि एफआईआर में सत्तारूढ़ दल के विधायक महेंद्र चौधरी का भी नाम है, इसलिए राजस्थान पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती है। सीबीआई की जांच की मांग के साथ साथ परिजन को 50 लाख रुपए का मुआवजा, परिजन के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने तथा नावां पुलिस पर बड़ी कार्यवाही करने की मांग की गई है।

Related posts

Is-it Okay If She Hangs Out With Another Guy?

admin

Informationen fur unser eigene Umriss weiters dasjenige Seitenansicht – wie wird sera habitus?

admin

20 Euro Maklercourtage mr bet casino 10 bonus Bloß Einzahlung Kasino

admin