सोनिया गांधी से ईडी की पूछताछ के विरोध में गहलोत ने केंद्र सरकार को घेरा

जयपुर

कहा आज अगर ये होते हमारी जगह तो आग लगा देते, तोड़फोड़ करते, इनकी फितरत ये है

जयपुर। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से ईडी की पूछताछ के लिए गुरुवार को पूरे देशभर में कांग्रेस सड़कों पर उतरी। जगह—जगह धरने प्रदर्शन किए गए, रेलें रोकी गई और आगजनी की गई। इससे पूर्व राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ईडी की कार्रवाई के खिलाफ केंद्र सरकार को घेरा।

दिल्ली में मीडिया से वार्ता करते हुए गहलोत ने कहा कि आज ED ने सोनियाजी को बुलाया है, जिनके बारे में पूरा देश जानता है कि वो ऐसी नेता हैं जिन्होंने पूरे देश का दिल जीता है, जिस रूप में यूपीए का गठन किया, फील गुड, इंडिया शाइनिंग के नारों को हराया जोकि आर्टिफिशियल थे, मनमोहन सिंह जी को पीएम बनाया, प्रधानमंत्री पद कोई छोड़ सकता है क्या..?

गहलोत ने कहा कि आज ईडी को जिस रूप में मिसयूज कर रहे हैं सरकारों को बदलने के लिए, ये खतरनाक ट्रेंड है। मैं बार-बार कहता हूं देश में संविधान की धज्जियां उड़ रही हैं, लोकतंत्र खतरे में है, पूरे देश के लोग डरे हुए हैं और घुटन महसूस कर रहे हैं, इनको अहसास नहीं है कि कभी जनता का मूड बदल भी सकता है और ऐसा केस हाथ में लिया गया है, जिसका हक है ही नहीं ईडी को, मनी लॉन्ड्रिंग कहां हुई है, ईडी को चाहिए कि एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करे, देश को बताए कि हम राहुल गांधी को, सोनिया गांधी को क्यों बुला रहे हैं, इनके ऊपर अमुक-अमुक आरोप इस प्रकार के हैं जो कि ईडी में आते हैं।

हम जानते हैं, मानते हैं कानून सबके लिए समान होता है, पर इनके शासन में कानून सबके लिए समान नहीं है। इनके लिए जो NDA में आता है, BJP जॉइन कर लेता है, उसके लिए कानून बदल भी जाता है, जो 2 कानून बना रखे हैं विपक्ष के लिए अलग है और इनके खुद के लिए अलग है, इस प्रकार आज ये मुल्क चल रहा है।

गहलोत ने कहा कि AICC दफ्तर के चारों ओर से पुलिस ने छावनी बना रखा है, क्या जरूरत है? ये हमारा हैड क्वार्टर है उसमें आप आने की परमिशन नहीं दे रहे हो, ऐसा तो इतिहास में पहली बार हुआ है। सरकारें राज्यों की हैं दूसरी पार्टियों की, वो इनके ऑफिसेज के अंदर जाने की परमिशन नहीं देंगी, अच्छी बात है क्या?

गहलोत ने कहा कि आज अगर ये होते हमारी जगह तो आग लगा देते, तोड़फोड़ करते, इनकी फितरत ये है। हमारे यहां तो बाहर रघुपति राघव राजा राम भजन हो रहे हैं, इस भजन से समझ लीजिए, ईश्वर-अल्लाह तेरे नाम, कि कांग्रेस की सोच क्या है, इनकी सोच क्या है, ये भजन बोलने वाले न हिंसा कर सकते हैं, न तोड़फोड़ कर सकते हैं।

हमारी लड़ाई विचारधारा की है, देश को बचाने की है। इसीलिए आज पूरे देश के कांग्रेसजन प्रदेशों के अंदर, जिलों के अंदर धरने – प्रदर्शन कर रहे हैं मैसेज देने के लिए, ये तो लोकतंत्र के गहने हैं धरने हों, प्रदर्शन हों, विरोध प्रकट हो, टॉलरेंस पावर हो, ये तो लोकतंत्र में आवश्यक है।

ये जो इनका टार्गेट है विपक्ष, पहले कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते थे, अब इनकी मंशा है विपक्ष मुक्त भारत बने, डिक्टेटरशिप हो देश के अंदर, उस दिशा में ये देश जा रहा है, हर देशवासी को चिंता होनी चाहिए।

जो बेरोजगारी है, महंगाई है, आर्थिक स्थिति डांवाडोल है, 80 रुपए क्रॉस कर गया डॉलर, ये चिंता का विषय होना चाहिए, जो चुनौतियां देश के सामने हैं, डोकलाम की या और कोई है, पूरे विपक्ष को बुलाकर बातचीत करनी चाहिए। दुश्मन होते नहीं हैं राजनीति में, न होने चाहिए, पर ये विपक्ष को दुश्मन मानते हैं

इस सरकार को इतनी भी शर्म नहीं आती है आप किस महिला से किस रूप में व्यवहार कर रहे हैं, ED वाले उनके घर जाकर बयान ले सकते थे, कई बार घर जाते हैं बयान लेते हैं, मोतीलाल वोरा जी के बयान लिए थे घर जाकर, पर उनका रवैया बहुत ही निम्न स्तर का है उनको चिंता ही नहीं है देश क्या सोच रहा होगा।

जिन्होंने भारतीय संस्कार-संस्कृति आत्मसात की… क्या-क्या बातें उनके बारे में नहीं कही जा रही थीं जब राजीव जी की शहादत हो गयी थी, एक पारिवारिक महिला के रूप में भी उन्होंने देखा है कि उनकी सास इंदिरा जी की शहादत हुई जो देश की महान नेता थीं, उनके पति राजीव जी शहीद हो गए देश के लिए।

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